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May 12 2026 05:36 pm

'कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती हाजिर हों'; UP की कोर्ट ने 12 साल पुराने केस में तीनों को भेजा समन

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की सुलतानपुर स्थित स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने 12 साल पुराने एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास और दिल्ली सरकार के दो पूर्व मंत्रियों को तलब किया है। कोर्ट ने कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती के खिलाफ समन जारी कर उन्हें 15 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह पूरा मामला साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के उल्लंघन से जुड़ा है।

क्या है 2014 का यह पूरा मामला?

विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद मिश्र के अनुसार, यह मामला 6 मई 2014 का है। उस समय कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में तत्कालीन कोतवाल मोहम्मद हमीद ने कुमार विश्वास और उनके बाहरी समर्थकों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया था।

निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, मतदान से 48 घंटे पहले उन व्यक्तियों का क्षेत्र में रहना प्रतिबंधित होता है जो वहां के मतदाता नहीं हैं। आरोप है कि प्रशासन के बार-बार निर्देशों के बावजूद कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती और उनके समर्थकों ने क्षेत्र नहीं छोड़ा, जिसके बाद पुलिस ने सरकारी आदेश के उल्लंघन और आचार संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर हुआ मामला

यह मामला लंबे समय से एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित था। हाल ही में इसे स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में स्थानांतरित किया गया है। नई अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी नामजद आरोपियों को समन जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। 15 मई को होने वाली सुनवाई में इन सभी दिग्गजों का कोर्ट में हाजिर होना अनिवार्य होगा।

अमेठी का वह ऐतिहासिक मुकाबला

साल 2014 का अमेठी चुनाव भारतीय राजनीति के सबसे दिलचस्प मुकाबलों में से एक था। यहां कुमार विश्वास का सीधा मुकाबला कांग्रेस के राहुल गांधी और भाजपा की स्मृति ईरानी से था। उस चुनाव में 'आप' ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। अब करीब एक दशक बाद इस कानूनी कार्रवाई ने एक बार फिर पुराने सियासी घटनाक्रमों को चर्चा में ला दिया है।