पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर फाइटर जेट्स की गर्जना: सुल्तानपुर एयरस्ट्रिप पर वायुसेना का बड़ा युद्धाभ्यास शुरू, जानें क्या है रूट डायवर्जन प्लान
India News Live,Digital Desk : पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आज यानी बुधवार (22 अप्रैल 2026) को भारतीय वायुसेना के जांबाज अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। सुल्तानपुर जिले के कूरेभार (अरवल कीरी करवत) स्थित एयर स्ट्रिप पर दोपहर 1:30 बजे से फाइटर जेट्स की लैंडिंग और टेकऑफ का मेगा शो शुरू होने जा रहा है।
इस युद्धाभ्यास के कारण पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 1 मई 2026 तक भारी वाहनों और सामान्य यातायात के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। अगर आप लखनऊ से गाजीपुर या आजमगढ़ की ओर यात्रा करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है।
यात्रियों के लिए क्या है व्यवस्था? (लखनऊ आने-जाने वाले ध्यान दें)
एक्सप्रेस-वे पर विमानों की लैंडिंग के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए एयर स्ट्रिप के समानांतर सर्विस रोड को खोल दिया गया है।
सर्विस रोड का उपयोग: जितनी दूरी में एयर स्ट्रिप बनी है (लगभग 3.2 किमी), उतनी ही दूरी तक यात्रियों को एक्सप्रेस-वे के बगल में बनी सर्विस रोड से होकर गुजरना होगा।
समय का ध्यान रखें: युद्धाभ्यास और वीआईपी मूवमेंट के कारण सर्विस रोड पर यातायात धीमा हो सकता है, इसलिए अपने गंतव्य के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
1 मई तक रहेगा असर: यह डायवर्जन 1 मई तक प्रभावी रहेगा। वायुसेना का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ही मुख्य एक्सप्रेस-वे पर आवागमन बहाल होगा।
दिन और रात दोनों समय दिखेगा 'आसमान का दम'
इस बार वायुसेना की तैयारियां पहले से भी ज्यादा उन्नत हैं। खास बात यह है कि अभ्यास केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी (6:00 PM से 9:00 PM) किया जाएगा।
शामिल विमान: सुखोई (Su-30 MKI), मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' के साथ-साथ मालवाहक विमान सी-295 और एएन-32 भी अपना करतब दिखाएंगे।
रणनीतिक महत्व: रात में लैंडिंग का अभ्यास यह परखने के लिए किया जा रहा है कि आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना देश के एक्सप्रेस-वे को रनवे के रूप में कैसे इस्तेमाल कर सकती है।
कौन सा विमान क्या करेगा?
सुखोई-30 MKI: यह एक 'फ्लाईंग कमांड सेंटर' की तरह काम करेगा, जो दुश्मन के रडार को जाम करने और छोटे विमानों को निर्देश देने की क्षमता रखता है।
मिराज 2000: यह अपनी अचूक सटीकता के लिए जाना जाता है (जैसा बालाकोट स्ट्राइक में देखा गया था)। छोटे लक्ष्यों को नष्ट करने में यह माहिर है।
सी-295: यह एक स्मार्ट ट्रांसपोर्ट विमान है, जो बहुत छोटे रनवे पर भी जवानों और हथियारों को पहुंचा सकता है। इसे 'गेम चेंजर' माना जाता है।
एएन-32: दुर्गम क्षेत्रों और खराब मौसम में रसद और गोला-बारूद पहुंचाने के लिए यह वायुसेना का सबसे भरोसेमंद साथी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने एयर स्ट्रिप के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया है। ग्रामीणों और दर्शकों को एक निश्चित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। 2021 में इस एयर स्ट्रिप का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सी-130जे हरक्युलिस विमान से उतरकर किया था। अब एक बार फिर फाइटर जेट्स की गड़गड़ाहट से पूरा सुल्तानपुर गूंज रहा है।
सावधानी: यदि आप इस एयर शो को देखने जा रहे हैं, तो सड़क पर वाहन खड़ा न करें और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।