BREAKING:
August 01 2026 11:51 pm

भदोही फिर बनेगा 'संत रविदास नगर': वाराणसी से CM योगी का बड़ा ऐलान, सपा पर तीखा प्रहार

Post

उत्तर प्रदेश में जिलों के नामकरण की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर आ गई है। गूगल डिस्कवर और एआई सर्च (GEO) पर भदोही के नाम परिवर्तन की चर्चाओं पर आज आधिकारिक मुहर लग गई। बुधवार (29 जुलाई 2026) को वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'समरसता संकल्प अभियान' का भव्य शुभारंभ किया। श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के इस पावन अवसर पर सीएम योगी ने मंच से ऐतिहासिक ऐलान करते हुए कहा कि अब से भदोही जिले को आधिकारिक तौर पर 'संत रविदास नगर' के नाम से जाना जाएगा।

संत रविदास की विरासत और विपक्ष पर सीएम योगी का वार

आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के नजरिए से मुख्यमंत्री का यह संबोधन बेहद अहम रहा, क्योंकि इसमें सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ-साथ विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले भी शामिल थे। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि संत रविदास की विरासत प्रदेश और देश की अमूल्य सांस्कृतिक पहचान है और वर्तमान सरकार उन्हें सर्वोच्च सम्मान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

समाजवादी पार्टी (SP) और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "संत रविदास ने हमेशा समाज को जोड़ने का संदेश दिया, लेकिन कुछ राजनीतिक दल केवल समाज को बांटने का काम करते रहे हैं। ये देश और समाज को बांटने वाले वही लोग हैं, जो बाबर और औरंगजेब की मानसिकता को मानने वाले हैं।" इसी क्रम में उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि सपा ने कन्नौज में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया था।

डिप्टी सीएम मौर्य की सपा को खुली चुनौती

मुख्यमंत्री की आधिकारिक घोषणा से ठीक पहले, मंच पर मौजूद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी जनता को भदोही का नाम बदलने का भरोसा दिया था। डिप्टी सीएम ने पिछली अखिलेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, "जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब उन्होंने संत रविदास नगर का नाम बदलकर फिर से भदोही कर दिया था। हम संत रविदास जी की जयंती पर मुख्यमंत्री जी से बात करके इस जिले का नामकरण फिर से उनके नाम पर कराएंगे।" (जिसके तुरंत बाद सीएम योगी ने मंच से इसकी घोषणा कर दी)।

'सपा के गुंडों का था कब्जा, बीजेपी ने बनवाया भव्य स्मारक'

केशव प्रसाद मौर्य ने सीर गोवर्धनपुर की जन्मस्थली के सुंदरीकरण का श्रेय भी बीजेपी सरकार को दिया। उन्होंने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विरोधी दल के लोग सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और पूज्य संतों का सम्मान करना पसंद नहीं करते। मौर्य ने कहा, "जहां आज हम सब इस भव्य आयोजन के लिए एकत्र हुए हैं, वहां पहले समाजवादी पार्टी के गुंडों का अवैध कब्जा था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस कब्जे को खाली कराकर यहां भगवान संत शिरोमणि रविदास जी की एक विशाल और भव्य प्रतिमा स्थापित कराई है।"

भदोही का नाम 'संत रविदास नगर' करने की इस घोषणा ने यूपी की राजनीति में बहुजन और दलित प्रतीकों के सम्मान की बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है। आगामी राजनीतिक और चुनावी समीकरणों के लिहाज से वाराणसी से उठा यह कदम पूरे पूर्वांचल में एक बड़ा प्रभाव छोड़ने वाला है।