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August 01 2026 11:54 pm

योगी सरकार के फैसले से गदगद हुईं मायावती: भदोही के नामकरण की तारीफ, अब अखिलेश पर हमला कर 'कांशीराम नगर' की उठाई मांग

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में भदोही का नाम बदले जाने के बाद एक नया और दिलचस्प सियासी समीकरण देखने को मिल रहा है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भदोही को फिर से 'संत रविदास नगर' बनाने के सीएम योगी के ऐलान का खुलकर स्वागत किया है। गूगल डिस्कवर और एआई सर्च (GEO) पर मायावती का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने न सिर्फ भाजपा सरकार के कदम को उचित ठहराया, बल्कि समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा राजनीतिक प्रहार भी किया है।

'सपा ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत बदले थे नाम'

आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के नजरिए से मायावती का यह बयान दलित और पिछड़े वोट बैंक की सियासत में बेहद अहम है। मायावती ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बसपा सरकार ने भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुए 'संत रविदास नगर' के नाम से नया जिला बनाया था। लेकिन, समाजवादी पार्टी की सरकार ने अपनी 'संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता' के तहत इस नाम को बदल दिया। उन्होंने भदोही का पुराना नाम बहाल करने के लिए योगी सरकार का आभार व्यक्त किया है।

दलित और पिछड़े महापुरुषों के सम्मान की याद दिलाई

बसपा सुप्रीमो ने याद दिलाया कि यूपी में उनकी चारों सरकारों के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और महापुरुषों को सम्मान देने के लिए कई नए जिले, तहसील और पुलिस जोन बनाए गए थे। इनमें से कई जिलों के नाम दलित और अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर रखे गए थे। इनमें 'संत रविदास नगर', 'छत्रपति शाहूजी महाराज नगर' (अमेठी), और 'भीम नगर' (संभल) जैसे जिले शामिल थे। मायावती ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार ने केवल राजनीतिक द्वेष और जातिवादी सोच के चलते इन जिलों के नाम बदल दिए, जिसे जनता कभी नहीं भूलेगी।

9 अक्टूबर से पहले 'कांशीराम नगर' बहाल करने की मांग

भदोही के बाद अब मायावती ने योगी सरकार के सामने एक बड़ी राजनीतिक मांग रख दी है। उन्होंने ब्रज क्षेत्र के कासगंज का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा सरकार ने इसके समुचित विकास के लिए इसे जिला बनाकर मान्यवर कांशीराम जी के नाम पर 'कांशीराम नगर' रखा था, जिसे सपा सरकार ने अपने 'पीडीए (PDA) विरोधी' रवैये के कारण बदल दिया।

मायावती ने सीएम योगी से अपील की है कि यूपी सरकार भदोही की तर्ज पर ही मान्यवर कांशीराम और अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के असली नाम भी बहाल कर दे। उन्होंने एक अल्टीमेटम नुमा सुझाव देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार यह फैसला मान्यवर कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस (9 अक्टूबर) से पहले या उसी दिन कर देती है, तो पूरी बहुजन समाज पार्टी इसके लिए सरकार की आभारी रहेगी। मायावती के इस बयान ने यूपी में जिलों के नामकरण की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।