योगी मंत्रिमंडल विस्तार की उल्टी गिनती शुरू: विनोद तावड़े का गोपनीय लखनऊ दौरा
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की सियासत में 'योगी मंत्रिमंडल विस्तार' को लेकर हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के बेहद गोपनीय लखनऊ दौरे ने यह साफ कर दिया है कि नए मंत्रियों के नामों पर मुहर लग चुकी है और अब केवल औपचारिक घोषणा बाकी है।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा आलाकमान इस विस्तार के जरिए 'सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन' साधने की बड़ी तैयारी में है।
गोपनीय मुलाकातों का दौर: 'मिशन यूपी' पर तावड़े
बीते 24 घंटों में लखनऊ का सियासी तापमान विनोद तावड़े की चंद घंटों की यात्रा से बढ़ गया। सूत्रों के अनुसार:
बंद कमरे में चर्चा: तावड़े ने महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में लंबी मंत्रणा की।
फोन पर रणनीति: उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी से भी फोन पर विस्तार से बात की।
दिल्ली से मिला संकेत: इससे पहले पंकज चौधरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और दिल्ली में बीएल संतोष व नितिन नवीन के साथ हुई बैठकों ने इस विस्तार की पटकथा पहले ही लिख दी थी।
क्या होगा बदलाव? (संभावित स्वरूप)
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल का यह विस्तार बहुत बड़ा नहीं होगा, लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होगा:
खाली पदों को भरना: मंत्रिमंडल में वर्तमान में करीब आधा दर्जन पद खाली हैं, जिन्हें भरा जाएगा।
विभागों में फेरबदल: कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव की पूरी संभावना है। प्रदर्शन के आधार पर कुछ की जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है तो कुछ के पर कतरे जा सकते हैं।
नया संगठन: मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही प्रदेश संगठन के नए स्वरूप की घोषणा भी संभव है।
क्यों हो रहा है यह विस्तार?
भाजपा का मुख्य फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुकाबले अपना मजबूत सामाजिक समीकरण तैयार करना है।
क्षेत्रीय संतुलन: पूर्वांचल से लेकर पश्चिम यूपी तक के उन इलाकों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा जहाँ पार्टी खुद को और मजबूत करना चाहती है।
जातीय समीकरण: गैर-यादव ओबीसी और दलित समुदायों के नए चेहरों को जगह देकर पार्टी एक बड़ा संदेश देने की कोशिश में है।
शपथ ग्रहण की संभावित तारीख
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस महीने (अप्रैल) के अंत तक या मई के पहले सप्ताह में राजभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। पार्टी का लक्ष्य है कि चुनाव की अधिसूचना या अन्य व्यस्तताओं से पहले सरकार और संगठन का चेहरा पूरी तरह स्पष्ट हो जाए ताकि कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ मैदान में उतर सकें।