चलती ट्रेन में 'सुहागरात' जैसी सजावट और पूजा का वीडियो वायरल, रेलवे ने बताया- ₹3 लाख से ज्यादा में बुक था स्पेशल कोच
सोशल मीडिया पर भारतीय रेलवे से जुड़ा एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। वायरल वीडियो में एक पुजारी चलती ट्रेन के फर्श पर बैठकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अभिषेक करता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि उनके आसपास सफेद कपड़ों में सजे कई लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में मग्न नजर आ रहे हैं। इंटरनेट पर यह वीडियो सामने आते ही बवाल मच गया और लोगों ने ट्रेन के भीतर ऐसे आयोजनों को लेकर रेलवे की सुरक्षा और नियमों पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए। विवाद बढ़ता देख अब उत्तरी रेलवे ने इस मामले पर आधिकारिक सफाई जारी की है।
सामान्य डिब्बा नहीं, ₹3.08 लाख में बुक था 'स्पेशल सैलून कोच'
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह धार्मिक आयोजन किसी आम यात्री डिब्बे (General or Sleeper Class) में नहीं, बल्कि पूरी तरह से निजी तौर पर बुक किए गए एक 'स्पेशल सैलून कोच' के भीतर हो रहा था। इस लग्जरी सैलून कोच की बुकिंग भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के माध्यम से की गई थी। बुकिंग कराने वाले पक्ष ने इस एकतरफा सफर के लिए रेलवे को कुल 3,08,580 रुपये का भुगतान किया था। यह खास कोच सीनियर रेलवे अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों (VIPs) या मोटी रकम चुकाकर निजी बुकिंग करने वाले परिवारों के लिए ही उपलब्ध कराया जाता है।
पश्चिम एक्सप्रेस में जोड़ा गया था यह 'चलता-फिरता घर'
रेलवे के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सैलून कोच की बुकिंग 8 जुलाई 2026 को की गई थी। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से मुंबई बांद्रा टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 'पश्चिम एक्सप्रेस' (Paschim Express) के साथ इस बोगी को जोड़ा गया था। इस वीआईपी सैलून कोच में घर जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं होती हैं, जिनमें फुली एसी रूम, बैठने का बड़ा लाउंज, डिनर टेबल, सर्वसुविधायुक्त रसोई और लग्जरी बाथरूम शामिल हैं। चूंकि यह कोच पूरी तरह प्राइवेट था, इसलिए इसके अंदर चल रहे निजी अनुष्ठान को सामान्य यात्री नियमों के उल्लंघन के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
संचालन और सुरक्षा पर कोई असर नहीं, टीटीई पर हुई कार्रवाई की यादें ताजा
उत्तरी रेलवे के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस निजी आयोजन से ट्रेन के संचालन, समयबद्धता (Punctuality) या अन्य सह-यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ा। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या खतरे की बात से रेलवे ने इनकार किया है। हालांकि, इस घटना ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक और मामले की यादें ताजा कर दीं, जब 'नंदीग्राम एक्सप्रेस' के फर्स्ट एसी कोच को एक जोड़े के लिए 'सुहागरात' की तरह फूलों से सजाया गया था। उस मामले में विवाद बढ़ने के बाद रेलवे ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित टिकट चेकर (TTE) को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन इस बार सैलून कोच पूरी तरह वैध और पेड बुकिंग का हिस्सा था।