"अयोध्या में गोली चले तो मुलायम दोषी, दिल्ली में चले तो अमित शाह क्यों नहीं?" राहुल गांधी के समर्थन में सपा का भाजपा पर बड़ा हमला
संसद में छात्रों पर पैलेट गन और लाठीचार्ज के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद अब इस मामले ने बड़ा सियासी तूल पकड़ लिया है। सर्च इंजन और जियोग्राफिकल ऑप्टिमाइजेशन (GEO) ट्रेंड्स में यह मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। अब समाजवादी पार्टी (SP) ने खुलकर राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया है। सपा नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'दोहरा चरित्र' अपनाने का आरोप लगाते हुए अयोध्या गोलीकांड (1990) का जिक्र छेड़ दिया है, जिससे यूपी से लेकर दिल्ली तक की सियासत में उबाल आ गया है।
रामगोपाल यादव का सवाल: 'तब मुलायम दोषी थे, तो अब अमित शाह क्यों नहीं?'
भाजपा की इस दलील पर कि 'फायरिंग का आदेश गृह मंत्री नहीं, बल्कि डीएम-एसडीएम स्तर का मजिस्ट्रेट देता है', सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सीधा सवाल दागते हुए कहा, "अगर भाजपा का यह तर्क सही है कि गोली का आदेश प्रशासनिक अधिकारी देता है, तो मैं पूछना चाहता हूं कि जब अयोध्या में गोली चली थी, तो क्या वह आदेश भी प्रशासनिक नहीं था? अगर वहां गोली चलने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया गया, तो अब दिल्ली में छात्रों पर गोली चलने पर अमित शाह जिम्मेदार कैसे नहीं हैं? यह दोहरा मापदंड क्यों?"
एसटी हसन की दो टूक: 'ऊपर से हरी झंडी मिले बिना पैलेट गन नहीं चल सकती'
सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए गृह मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग की। आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के लिहाज से उनका बयान बेहद अहम है। हसन ने स्पष्ट किया, "देश की सारी फोर्स, पुलिस और प्रशासन गृह मंत्री के अधीन आता है। बच्चों पर पैलेट गन या एके-47 चलाने की नौबत आए, तो बिना 'ऊपर' की हरी झंडी के ऐसा हो ही नहीं सकता।" उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हसन ने भी दोहराया कि अगर बाबरी मस्जिद (1991-92) के समय नेताजी (मुलायम सिंह) को दोषी माना जाता है, तो आज अमित शाह को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती।
अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने भी घेरा
इस पूरे विवाद में अयोध्या से सपा के मौजूदा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी भाजपा सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा के लोगों को देश को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन सी नौबत या परिस्थितियां आ गई थीं कि निहत्थे छात्रों पर गोलियां और पैलेट गन चलानी पड़ी? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? सिर्फ यह कह देना काफी नहीं है कि आदेश मजिस्ट्रेट का था। सरकार को यह बताना होगा कि हालात बिगाड़ने और छात्रों पर बल प्रयोग की परिस्थितियां पैदा करने का असली जिम्मेदार कौन है।"
सपा का आरोप: यह है भाजपा का असली चरित्र
सपा नेता मनोज काका ने भी भाजपा की कार्यशैली पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में गोली चली थी, तो भाजपा चिल्ला-चिल्ला कर कहती थी कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए थे। लेकिन आज जब दिल्ली में पैलेट गन और बिहार के सीवान में गोलियां चल रही हैं, तो भाजपा के दरबारी इसे मजिस्ट्रेट का आदेश बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे देश के नौजवानों और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उठने वाली हर आवाज और आंदोलन का मजबूती से समर्थन करते रहेंगे।