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August 14 2026 02:14 pm

Caution! Four cyclonic systems are active simultaneously in the country : अगले 7 दिनों तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का हाई अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल

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India News Live,Digital Desk : अगर आप अगले कुछ दिनों में कहीं बाहर घूमने या किसी खास काम की योजना बना रहे हैं, तो रुकिए! मौसम विभाग (IMD) ने देशव्यापी चेतावनी जारी की है। भारत के आसमान पर इस समय कुदरत का एक दुर्लभ और खतरनाक मेल दिख रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में एक-दो नहीं, बल्कि चार चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक साथ सक्रिय हैं। इसके ऊपर से 14 मार्च को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) आग में घी डालने का काम करेगा, जिससे अगले एक हफ्ते तक उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ने वाला है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में 11 और 12 मार्च को भारी बर्फबारी और बारिश की आशंका है। इसके बाद 13 से 17 मार्च तक छिटपुट हिमपात जारी रहेगा। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।

पंजाब-हरियाणा से लेकर यूपी-राजस्थान तक 'आंधी-तूफान' का साया

मैदानी इलाकों में भी मौसम करवट लेने को तैयार है।

पंजाब और हरियाणा: 14 से 16 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान: राजस्थान में 14 मार्च से और उत्तर प्रदेश में 15-16 मार्च को तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत में भी 13 से 15 मार्च के बीच बेमौसम बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट'

पूर्वोत्तर भारत, विशेष रूप से असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। 12 से 14 मार्च के बीच यहां 'भारी से बहुत भारी' बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती हैं। ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है।

आखिर क्यों अचानक बदला मौसम? जानें वैज्ञानिक कारण

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति सामान्य नहीं है। वर्तमान में वायुमंडल में चार मुख्य प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं:

उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के पास बना चक्रवात।

मध्य पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय परिसंचरण।

मध्य असम के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र।

बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पास सक्रिय सिस्टम।

इसके अलावा, 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही उष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (166 किमी/घंटा की गति) ने वायुमंडल में अस्थिरता को चरम पर पहुंचा दिया है, जिसके कारण मार्च के महीने में जून जैसी आंधी और बारिश का सामना करना पड़ रहा है।