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August 15 2026 04:40 pm

सावधान इस देश में हाईवे पर पेट्रोल खत्म होना है 'जुर्म', भारी जुर्माने के साथ छिन सकता है लाइसेंस

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India News Live,Digital Desk : ड्राइविंग के दौरान रास्ते में पेट्रोल या डीजल खत्म हो जाना किसी के लिए भी एक सिरदर्द हो सकता है, लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां इसे महज एक 'लापरवाही' नहीं बल्कि एक संगीन अपराध माना जाता है। हम बात कर रहे हैं अपनी हाई-स्पीड सड़कों और बेहतरीन इंजीनियरिंग के लिए मशहूर देश जर्मनी की। जर्मनी के विश्वप्रसिद्ध राजमार्ग नेटवर्क 'ऑटोबान' (Autobahn) पर अगर आपकी गाड़ी का ईंधन खत्म हुआ, तो मदद मिलने से पहले पुलिस का चालान आपके हाथ में होगा।

क्यों ईंधन खत्म होना माना जाता है ट्रैफिक उल्लंघन?

जर्मन यातायात नियमों के अनुसार, ऑटोबान पर गाड़ी का तेल खत्म होना ड्राइवर की एक ऐसी गलती है जिसे आसानी से टाला जा सकता था। वहां के अधिकारियों का मानना है कि तेज गति वाली सड़कों पर निकलने से पहले ईंधन स्तर की जांच करना ड्राइवर की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। चूंकि ऑटोबान के कई हिस्सों में गति की कोई आधिकारिक सीमा (Speed Limit) नहीं होती, इसलिए वहां अचानक रुकी हुई कोई भी गाड़ी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।

3 मिनट की देरी और हजारों का चूना

जर्मनी में इस नियम के तहत जुर्माने की व्यवस्था काफी सख्त है:

अल्पकालिक रुकावट: यदि ईंधन की कमी के कारण वाहन सड़क पर 3 मिनट से कम समय के लिए रुकता है, तो ड्राइवर को लगभग 35 यूरो (करीब ₹3,100) का जुर्माना देना पड़ता है।

अवैध पार्किंग का दर्जा: अगर गाड़ी 3 मिनट से ज्यादा समय तक सड़क पर खड़ी रहती है, तो अधिकारी इसे 'अवैध पार्किंग' की श्रेणी में डाल देते हैं। इसमें जुर्माना 70 यूरो से 120 यूरो (करीब ₹6,300 से ₹10,800) तक पहुंच सकता है।

पेनल्टी पॉइंट्स: केवल पैसे ही नहीं, बल्कि ड्राइवर के लाइसेंस में पेनल्टी पॉइंट्स भी जोड़ दिए जाते हैं, जिससे भविष्य में लाइसेंस रद्द होने का खतरा बढ़ जाता है।

गाड़ी से उतरना भी है प्रतिबंधित

इस नियम को और भी कड़ा बनाने वाली बात यह है कि हाईवे पर गाड़ी रुकने के बाद आप पैदल चलकर पेट्रोल लेने नहीं जा सकते। ऑटोबान पर पैदल चलना सख्त मना है क्योंकि तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच यह जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में ड्राइवर को सड़क के किनारे ही रुककर आधिकारिक मदद का इंतजार करना पड़ता है, जो अपने आप में काफी महंगा सौदा होता है।

सुरक्षा ही सबसे बड़ा कारण

जर्मन ट्रैफिक एक्सपर्ट्स का तर्क है कि 'ऑटोबान' का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि वहां यातायात का प्रवाह कभी रुकना नहीं चाहिए। अचानक रुकी हुई गाड़ी न केवल जाम का कारण बनती है, बल्कि पीछे से 200-250 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रहे वाहनों के लिए 'मौत का जाल' बन सकती है। इसीलिए वहां ड्राइवरों को लंबी यात्रा से पहले टैंक फुल रखने की हिदायत दी जाती है।