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August 19 2026 11:10 pm

'पहली पारी की उस साझेदारी ने छीन लिया मैच': गॉल में 165 रनों की करारी हार के बाद बोले श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा, राहुल और पडिक्कल की जोड़ी को बताया टर्निंग पॉइंट

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भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया पहला टेस्ट मुकाबला मेजबान टीम के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। 372 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम मैच के पांचवें दिन दूसरी पारी में 206 रनों पर सिमट गई और भारत ने 165 रनों के विशाल अंतर से मुकाबला जीतकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त बना ली। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने इस करारी हार का पोस्टमार्टम किया और साफ तौर पर स्वीकार किया कि मैच उनके हाथ से किस मोड़ पर फिसला। डिसिल्वा ने मैच के टर्निंग पॉइंट के रूप में पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों देवदत्त पडिक्कल (167 रन) और केएल राहुल के बीच हुई लंबी शतकीय साझेदारी को मुख्य वजह करार दिया, जिसने श्रीलंका को पहले ही दो दिनों में मुकाबले से पूरी तरह बाहर धकेल दिया था।

'राहुल और पडिक्कल की साझेदारी ने बदल दिया मैच का रुख': डिसिल्वा का बयान

मैच खत्म होने के बाद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने ईमानदारी से अपनी टीम की कमजोरियों को सामने रखा। उन्होंने कहा, "जब आप टॉस हारते हैं और विपक्षी टीम गॉल जैसी पिच पर पहली पारी में 450 से अधिक का स्कोर बना देती है, तो आप खेल में हमेशा पीछे रह जाते हैं। हमने शुरुआती विकेट जल्दी चटकाकर भारत पर दबाव बनाया था, लेकिन उसके बाद देवदत्त पडिक्कल और केएल राहुल ने जिस तरह से पारी को संभाला और बड़ी साझेदारी की, उसने पूरे मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। वह साझेदारी ही इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट थी।"

डिसिल्वा ने आगे बताया कि गॉल की पिच पर टेस्ट के पहले दो दिन बल्लेबाजी के लिए सबसे अनुकूल परिस्थितियां थीं, लेकिन उनके गेंदबाज उस दौरान सही लाइन और लेंथ बनाए रखने में नाकाम रहे। राहुल और पडिक्कल ने धैर्य के साथ स्ट्राइक रोटेट की और ढीली गेंदों पर प्रहार कर भारत को 462 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया, जिससे श्रीलंका के सामने पहली पारी में 178 रनों का भारी अंतर पैदा हो गया।

पहली पारी में बल्लेबाजों का सरेंडर: 284 रन पर सिमटना पड़ा भारी

कप्तान डिसिल्वा ने अपनी टीम के शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों की विफलता पर भी नाराजगी जताई। श्रीलंका की पहली पारी में केवल सोनल दिनुशा ने शतक जमाया था, जबकि बाकी सभी प्रमुख बल्लेबाज शुरुआत मिलने के बाद गैर-जिम्मेदाराना शॉट्स खेलकर पवेलियन लौट गए।

डिसिल्वा ने कहा, "गॉल में अगर आपको मैच जीतना है या ड्रॉ कराना है, तो आपको पहली पारी में कम से कम 350 से 400 रन बनाने होते हैं। हम 284 रनों पर ऑलआउट हो गए। दिनुशा के अलावा किसी भी बल्लेबाज ने टिकने का अनुशासन नहीं दिखाया। 178 रनों की पहली पारी की बढ़त ने भारत को मनोवैज्ञानिक बढ़त दे दी, जिसका फायदा उन्होंने दूसरी पारी में खुलकर उठाया।"

मानव सुथार के स्पैल ने तोड़ी कमर: 'हमने 30 मिनट में गंवाया मैच'

मैच के पांचवें दिन कप्तान धनंजय डिसिल्वा (59) और सोनल दिनुशा (84) ने पांचवें विकेट के लिए 95 रनों की जुझारू साझेदारी करके मैच को ड्रॉ की ओर ले जाने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन लंच के बाद युवा भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने ऐसा तूफान मचाया कि श्रीलंका का निचला क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

इस पर बात करते हुए डिसिल्वा ने कहा, "पांचवें दिन लंच तक हम बहुत अच्छी स्थिति में थे और मैच को बचाने के रास्ते पर थे। लेकिन लंच के बाद जैसे ही मेरा विकेट गिरा, हमने अगले आधे घंटे के भीतर लगातार 4-5 विकेट गंवा दिए। मानव सुथार ने अपने डेब्यू मैच में बहुत चतुराई से गेंदबाजी की। उन्होंने गेंद को हवा में ड्रिफ्ट कराया और हमारी गलतियों का फायदा उठाया। एक ही ओवर में तीन विकेट गंवाना किसी भी टीम के लिए वापसी के सारे रास्ते बंद कर देता है।"

कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए सुधार का वादा

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में इस हार के बाद श्रीलंका का अंक प्रतिशत (PCT) गिरकर 33.33% रह गया है। डिसिल्वा ने स्वीकार किया कि इस हार से उनकी WTC फाइनल की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है, लेकिन वे कोलंबो में मजबूती से वापसी करेंगे।

डिसिल्वा ने कहा, “गॉल टेस्ट की गलतियों से हमें बहुत कुछ सीखना होगा। टेस्ट क्रिकेट में आप केवल एक या दो सत्रों के खराब खेल से पूरे पांच दिन की मेहनत गंवा देते हैं। कोलंबो में परिस्थितियां अलग होंगी और हमारी कोशिश होगी कि हम पहली पारी में बड़ी साझेदारियां बनाएं और गेंदबाजी में अधिक अनुशासित रहें ताकि सीरीज को 1-1 की बराबरी पर समाप्त किया जा सके।”