'गॉल फतह' के साथ शुभमन गिल ने की दिग्गज बिशन सिंह बेदी की बराबरी, टॉप 5 में पहुंचने के लिए अभी तय करना होगा लंबा सफर
भारतीय टेस्ट टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल ने अपने कप्तानी करियर में एक और बड़ा माइलस्टोन हासिल कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए भारत के ऐतिहासिक 600वें टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मेजबान टीम को 165 रनों से करारी शिकस्त दी। इस मुकाबले में 372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम दूसरी पारी में महज 206 रनों पर ढेर हो गई। 26 वर्षीय शुभमन गिल का बतौर भारतीय टेस्ट कप्तान यह 10वां मुकाबला था, जिसमें उन्हें अपनी छठी जीत मिली। इस धमाकेदार जीत के साथ ही शुभमन गिल ने भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाले कप्तानों की सर्वकालिक सूची में संयुक्त रूप से 9वें पायदान पर पहुंचकर पूर्व दिग्गज स्पिनर और कप्तान बिशन सिंह बेदी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। हालांकि, इस ऐतिहासिक क्लब के शीर्ष 5 कप्तानों तक पहुंचने के लिए गिल को अभी एक लंबा सफर तय करना होगा।
10 टेस्ट मैचों में 6 जीत: गिल का कप्तानी रिकॉर्ड
शुभमन गिल ने जब से भारतीय टेस्ट टीम की कमान संभाली है, टीम इंडिया ने कई कठिन परिस्थितियों में शानदार जीत दर्ज की है। गॉल टेस्ट की जीत के बाद बतौर कप्तान गिल का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली नजर आता है:
कुल टेस्ट मैच: 10
जीत: 6
हार: 3
ड्रॉ: 1
जीत प्रतिशत: 60.00%
गॉल में मिली इस जीत के दम पर गिल ने महान लेफ्ट-आर्म स्पिनर बिशन सिंह बेदी की बराबरी कर ली है। बेदी ने 1970 के दशक में 22 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की थी, जिसमें भारत ने 6 टेस्ट जीते थे, 11 में हार झेली थी और 5 मैच ड्रॉ रहे थे। गिल ने बेदी के इस आंकड़े को महज 10 मुकाबलों में छू लिया है।
टॉप 5 से काफी दूर: कम से कम 13 और जीत की दरकार
भले ही शुभमन गिल ने बिशन सिंह बेदी को छू लिया हो, लेकिन भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों के टॉप 5 एलीट क्लब में प्रवेश करने के लिए उन्हें अभी काफी मेहनत करनी होगी। वर्तमान में पांचवें स्थान पर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (12 जीत) काबिज हैं। वहीं चौथे स्थान पर मोहम्मद अजहरुद्दीन (14 जीत) मौजूद हैं।
गिल से आगे इस समय कई दिग्गज कप्तान खड़े हैं:
राहुल द्रविड़: 25 टेस्ट में 8 जीत
मंसूर अली खान पटौदी (MAK Pataudi): 40 टेस्ट में 9 जीत
सुनील गावस्कर: 47 टेस्ट में 9 जीत
रोहित शर्मा: 24 टेस्ट में 12 जीत
गिल को टॉप 5 में अपनी जगह पक्की करने और अजहरुद्दीन को पछाड़ने के लिए अभी कम से कम 9 और टेस्ट मुकाबले जीतने होंगे।
विराट कोहली का अजेय किला: 40 जीत के साथ बने हैं नंबर-1 सरताज
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल कप्तान का ताज आज भी विराट कोहली के सिर पर ही सजा हुआ है। कोहली ने साल 2014 से 2022 के बीच भारतीय टेस्ट टीम को दुनिया की नंबर-1 टीम बनाए रखा था। कोहली की कप्तानी में भारत ने 68 टेस्ट मैचों में 40 में प्रचंड जीत दर्ज की, जबकि केवल 17 में हार मिली और 11 मैच ड्रॉ रहे। कोहली का जीत प्रतिशत 58.82% रहा है और वे सेना (ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका) देशों में कई यादगार टेस्ट जीतने वाले इकलौते एशियाई कप्तान रहे हैं।
इस सूची में दूसरे स्थान पर 'कैप्टन कूल' महेंद्र सिंह धोनी का नाम आता है। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया का नेतृत्व करते हुए 27 टेस्ट में जीत दिलाई, जबकि 17 मैचों में हार और 15 मुकाबले ड्रॉ पर छूटे। वहीं, 'दादा' यानी सौरव गांगुली 49 टेस्ट में 21 जीतों के साथ तीसरे सबसे सफल भारतीय टेस्ट कप्तान हैं।
भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने वाले कप्तान (मैच और जीत की पूरी सूची)
| रैंक | कप्तान का नाम | कुल मैच | जीत | हार | ड्रॉ | जीत प्रतिशत (%) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | विराट कोहली | 68 | 40 | 17 | 11 | 58.82% |
| 2 | महेंद्र सिंह धोनी | 60 | 27 | 17 | 15 | 45.00% |
| 3 | सौरव गांगुली | 49 | 21 | 13 | 15 | 42.85% |
| 4 | मोहम्मद अजहरुद्दीन | 47 | 14 | 14 | 19 | 29.78% |
| 5 | रोहित शर्मा | 24 | 12 | 8 | 4 | 50.00% |
| 6 | सुनील गावस्कर | 47 | 9 | 8 | 30 | 19.14% |
| 7 | एमएके पटौदी | 40 | 9 | 19 | 12 | 22.50% |
| 8 | राहुल द्रविड़ | 25 | 8 | 6 | 11 | 32.00% |
| 9 | शुभमन गिल | 10 | 6 | 3 | 1 | 60.00% |
| 10 | बिशन सिंह बेदी | 22 | 6 | 11 | 5 | 27.27% |
| 11 | कपिल देव | 34 | 4 | 7 | 22 | 11.76% |
गॉल जीत से WTC में भारत को संजीवनी, गिल ने फाइनल को बताया अल्टीमेट लक्ष्य
गॉल टेस्ट में मिली 165 रनों की जीत कप्तान शुभमन गिल के लिए इसलिए भी राहत लेकर आई है क्योंकि इससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) की अंक तालिका में भारत का अंक प्रतिशत 48.14% से बढ़कर 53.33% पर पहुंच गया है।
मैच के बाद कप्तान गिल ने स्वीकार किया कि इस जीत ने ड्रेसिंग रूम का तनाव काफी हद तक कम किया है। गिल ने कहा, "WTC फाइनल में पहुंचना ही हमारा अंतिम लक्ष्य है। टेस्ट क्रिकेट में जीत कभी भी आसानी से नहीं मिलती और विदेशी जमीन पर मिली यह जीत पूरी टीम को बहुत आत्मविश्वास देती है। हम अच्छी स्थिति में थे, लेकिन मैच के आखिरी पलों में मौसम और बारिश का डर था। खुशी की बात यह रही कि मौसम ने खलल नहीं डाला और हमारे गेंदबाजों ने समय रहते काम खत्म कर दिया।"
युवा कप्तान के रूप में शुभमन गिल के सामने अभी एक लंबा करियर बाकी है। यदि गिल इसी निरंतरता के साथ फैसले लेते रहे और टीम का प्रदर्शन आगे भी ऐसा ही रहा, तो आने वाले कुछ ही सालों में वे द्रविड़, पटौदी, गावस्कर और रोहित शर्मा के रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़कर टॉप 5 कप्तानों की कतार में मजबूती से खड़े नजर आएंगे।