सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का तंज: 'बीजेपी सहयोगियों को दे 120 सीटें, वरना यह समाज का अपमान'
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चलने लगे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक हालिया बयान पर सूबे का सियासी पारा हाई हो गया है। इस विवाद के बीच अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए एक नया राजनीतिक दांव चला है।
आरएलडी और सीट बंटवारे पर गरमाई सियासत
विदित हो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कुछ समय पहले एक बयान देते हुए कहा था कि "हमने चवन्नी को रुपया बना दिया।" इस टिप्पणी के बाद राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने इसे सीधे तौर पर जाट समाज का अपमान करार दिया था। इसके बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने भी जयंत का समर्थन करते हुए अखिलेश से माफी मांगने की मांग उठाई थी। विवाद बढ़ने पर अब अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए तंज कसा है कि यदि बीजेपी अपने सहयोगियों को वास्तव में सम्मान देना चाहती है, तो उन्हें मौजूदा कोटे से तीन से चार गुना यानी कम से कम 120 सीटें देनी चाहिए।
गठबंधन की राजनीति और चौधरी चरण सिंह का सम्मान
लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, तोड़ने वाली नहीं। उन्होंने कहा कि यदि सहयोगियों को उचित और बड़ा हिस्सा नहीं दिया जाता है, तो यह न केवल उनके समाज बल्कि महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह का भी अपमान होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले इस तरह की बयानबाजी से एनडीए और विपक्ष दोनों के बीच सियासी समीकरण और अधिक दिलचस्प हो गए हैं।