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August 22 2026 05:05 pm

शनि कृपा पाने के अचूक साधन: इन चीजों के दान से कट जाते हैं साढ़ेसाती और ढैय्या के सभी संकट

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वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना गया है। मान्यता है कि शनि देव हर व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा होता है, उन्हें अक्सर मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और करियर में कई प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के 3 प्रमुख दान

यदि आप भी शनि के प्रकोप या जीवन में चल रही परेशानियों से परेशान हैं, तो शनिवार का दिन इसके निवारण के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ खास वस्तुओं का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और साढ़ेसाती का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है:

सरसों के तेल का दान (छाया दान): शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए सरसों के तेल का दान सबसे अचूक उपाय माना जाता है। शनिवार की सुबह एक लोहे या कांसे के बर्तन में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या शनि मंदिर में रख आएं। इससे शारीरिक कष्ट और बड़े संकट दूर होते हैं।

काले तिल और काली उड़द की दाल: इन दोनों चीजों का संबंध शनि के साथ-साथ राहु-केतु के दुष्प्रभावों को शांत करने से भी है। सवा किलो काली उड़द की दाल या काले तिल को किसी काले कपड़े में बांधकर किसी गरीब या असहाय व्यक्ति को दान करने से कारोबार की बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति सुधरती है।

काले जूते, छाता या काले वस्त्र: शनि देव मेहनतकश और असहाय वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। शनिवार के दिन किसी मजदूर, सफाईकर्मी या जरूरतमंद को काले जूते, चप्पल, छाता या काले कपड़े दान करने से कुंडली के गंभीर शनि दोष शांत होते हैं।

साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान इन गलतियों से बचें

ज्योतिष के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान व्यक्ति को अपने आचरण और कर्मों पर विशेष संयम रखना चाहिए। कुछ ऐसी बातें हैं जिनका विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:

कमजोर वर्ग का अपमान न करें: सफाईकर्मी, मजदूर, दिव्यांग या बुजुर्गों का कभी भी अपमान न करें और न ही उनका हक मारें।

नशे और तामसिक भोजन से दूरी: शनिवार के दिन और विशेष रूप से इस काल के दौरान शराब, मांस और नशीले पदार्थों के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।

शनिवार को न खरीदें लोहा और तेल: शनिवार के दिन लोहे का सामान, सरसों का तेल या काले तिल खरीदकर घर नहीं लाने चाहिए। इन चीजों का दान करना शुभ होता है, खरीदारी करना नहीं।

नियमित पूजा और मंत्र जप: शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।