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August 24 2026 04:34 pm

ऋषभ पंत ने कोलंबो टेस्ट में रचा नया इतिहास, विदेशी धरती पर एमएस धोनी का 2496 रनों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त; मार्क बाउचर को पछाड़कर बने दुनिया के दूसरे सबसे सफल विकेटकीपर

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भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े गेम-चेंजर और जुझारू विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विदेशी धरती पर उनका बल्ला जब गरजता है, तो क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स भी बौने साबित हो जाते हैं। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन ऋषभ पंत ने मैदान पर उतरते ही नया इतिहास रच दिया है। पहले दिन हाथ में गंभीर चोट लगने के बाद रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर जाने वाले पंत ने दूसरे दिन दर्द को भुलाकर 63 रनों की विस्फोटक और साहसिक पारी खेली। इस अर्धशतकीय पारी के दौरान पंत ने भारतीय क्रिकेट के महानतम पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के विदेशी धरती (Away/Neutral Tests) पर बनाए गए 2496 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड को हमेशा के लिए पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही वे विदेशी सरजमीं पर भारत के सबसे सफल विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं और अब दुनिया के सर्वकालिक महानतम विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के वर्ल्ड रिकॉर्ड को ध्वस्त कर नंबर-1 बनने की दहलीज पर खड़े हैं।

कोलंबो में चोट के बाद वापसी और एमएस धोनी के 2496 रनों का कीर्तिमान ध्वस्त

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट का पहला दिन ऋषभ पंत के लिए काफी दर्दनाक रहा था, जब तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की एक तीखी शॉर्ट-पिच गेंद उनके बाएं हाथ पर जाकर लगी थी। उस समय पंत असहनीय दर्द में दिखाई दिए थे और मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें 3 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटना पड़ा था। लेकिन दूसरे दिन जब भारतीय टीम ने सारांश जैन का विकेट 307 रन पर गंवाया, तो पंत पट्टी बंधे हाथ के साथ दोबारा मैदान पर उतरे। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने उनकी चोट को निशाना बनाते हुए लगातार बाउंसर और शॉर्ट-पिच गेंदों की झड़ी लगा दी, लेकिन पंत ने हर चुनौती का जवाब अपने ट्रेडमार्क आक्रामक अंदाज में दिया। उन्होंने 89 गेंदों पर 6 चौकों और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 63 रन बनाए।

इस पारी के साथ ही विदेशी और न्यूट्रल वेन्यूज पर ऋषभ पंत के टेस्ट रनों की संख्या 2545 रन तक पहुंच गई। उन्होंने पूर्व कप्तान एमएस धोनी के 2496 रनों के आंकड़े को पार कर लिया। महेंद्र सिंह धोनी ने अपने शानदार टेस्ट करियर के दौरान विदेशी पिचों पर 32.84 की औसत से 2496 रन बनाए थे। वहीं ऋषभ पंत ने यह ऐतिहासिक मुकाम 41.68 की असाधारण औसत से हासिल किया है। भारतीय विकेटकीपर्स की ऑल-टाइम विदेशी लिस्ट में अब ऋषभ पंत शीर्ष पर हैं, एमएस धोनी दूसरे नंबर पर, फारुख इंजीनियर 1209 रनों के साथ तीसरे, सैयद किरमानी 1109 रनों के साथ चौथे और किरण मोरे 901 रनों के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद हैं।

मार्क बाउचर को पछाड़ा, अब दुनिया के नंबर-1 एडम गिलक्रिस्ट के सिंहासन पर नजर

ऋषभ पंत की यह उपलब्धि केवल भारतीय क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिग्गजों की वैश्विक सूची में भी खलबली मचा दी है। विदेशी सरजमीं पर सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले विकेटकीपर्स की ऑल-टाइम वर्ल्ड लिस्ट में पंत ने दक्षिण अफ्रीका के महान विकेटकीपर मार्क बाउचर के 2514 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। अब दुनिया भर के टेस्ट इतिहास में विदेशी पिचों पर ऋषभ पंत से आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट हैं।

एडम गिलक्रिस्ट ने अपने पूरे टेस्ट करियर के दौरान विदेशी और न्यूट्रल मैदानों पर कुल 2634 रन बनाए थे। पंत के नाम अब 2545 रन दर्ज हो चुके हैं और वे गिलक्रिस्ट के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से मात्र 89 रन दूर हैं। क्रिकेट पंडितों और सांख्यिकीविदों का मानना है कि महज 28 वर्ष की उम्र में पंत जिस रफ्तार से रन बना रहे हैं, वे बहुत जल्द गिलक्रिस्ट को पछाड़कर टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में विदेशी पिचों पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के नंबर-1 विकेटकीपर बन जाएंगे।

टेस्ट छक्कों में भी रचा नया इतिहास, गिलक्रिस्ट को पछाड़ टॉप-3 में बनाई जगह

कोलंबो की इस पारी के दौरान ऋषभ पंत ने छक्कों का एक और विराट कीर्तिमान अपने नाम दर्ज किया। अपनी 63 रनों की पारी में 2 छक्के जड़ने के साथ ही ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में एडम गिलक्रिस्ट को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। पंत के नाम अब 52 टेस्ट मैचों की 89 पारियों में कुल 102 छक्के दर्ज हो चुके हैं, जबकि एडम गिलक्रिस्ट ने अपने पूरे टेस्ट करियर के 96 मैचों में 100 छक्के लगाए थे।

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने का रिकॉर्ड भी पंत के नाम हो चुका है, जिन्होंने यह करिश्मा 5000 से भी कम गेंदों में कर दिखाया। टेस्ट छक्कों की सर्वकालिक सूची में अब पंत से आगे केवल न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम (107 छक्के) और इंग्लैंड के धाकड़ ऑलराउंडर बेन स्टोक्स (138 छक्के) मौजूद हैं। इसके अलावा, पंत टेस्ट प्रारूप में 100 छक्के जड़ने वाले भारत के पहले और इकलौते बल्लेबाज भी बन चुके हैं, जहां उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के 91 और रोहित शर्मा के 88 छक्कों के रिकॉर्ड को काफी पहले पीछे छोड़ दिया था।

पहले दिन रिटायर्ड हर्ट, दूसरे दिन दर्द भूलकर ध्रुव जुरेल संग शतकीय साझेदारी

कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन का पहला सत्र पूरी तरह से भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा, जिसकी धुरी ऋषभ पंत और युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल रहे। 307 रन पर 6 विकेट गिर जाने के बाद श्रीलंका की टीम मैच में हावी होने की कोशिश कर रही थी। ऐसे नाजुक मोड़ पर पंत ने जुरेल के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 112 रनों की शतकीय साझेदारी निभाई। दोनों ही बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई स्पिनरों और तेज गेंदबाजों पर ऐसा जवाबी हमला बोला कि विरोधी कप्तान धनंजय डिसिल्वा की सारी रणनीतियां बिखर गईं।

ध्रुव जुरेल ने भी दूसरे छोर से बेहतरीन परिपक्वता दिखाते हुए 59 रनों की नाबाद पारी खेली। लंच तक भारतीय टीम को 419 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने के बाद लंच के ठीक बाद पहली ही गेंद पर पंत बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में लॉन्ग-ऑफ बाउंड्री पर कैच थमा बैठे। हालांकि आउट होने से पहले वे टीम इंडिया को एक ऐसे मजबूत और सुरक्षित मुकाम पर पहुंचा चुके थे, जहां से भारत के लिए श्रीलंका पर पारी की बढ़त हासिल करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

विदेशी धरती पर ऋषभ पंत की श्रेष्ठता और भारतीय टेस्ट क्रिकेट का स्वर्णिम युग

ऋषभ पंत का विदेशी सरजमीं पर यह दबदबा कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह उनकी अद्वितीय तकनीक, निडर मानसिकता और मुश्किल परिस्थितियों में जवाबी हमला करने की कला का परिणाम है। गाबा के ऐतिहासिक किले को फतह करने से लेकर सिडनी, ओवल, एजबेस्टन, केपटाउन और अब कोलंबो तक, पंत ने हमेशा उन पिचों पर भारत को उबारा है जहां दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज घुटने टेक देते हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे सेना (SENA) देशों में शतक जड़ने वाले वे भारत के इकलौते विकेटकीपर हैं।

गंभीर कार दुर्घटना के बाद जिस तरह पंत ने मैदान पर वापसी की और एक बार फिर लाल गेंद के सबसे कठिन प्रारूप में अपनी बादशाहत कायम की, उसने साबित कर दिया है कि वे आधुनिक भारतीय टेस्ट टीम की सबसे मजबूत रीढ़ हैं। कप्तान रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर की आक्रामक टेस्ट रणनीति में पंत का यह निडर अंदाज टीम इंडिया को विदेशी दौरों पर मैच जीतने का सबसे बड़ा आत्मविश्वास प्रदान करता है।

सेना देशों से लेकर एशियाई पिचों तक: पंत का दबदबा और गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड टूटने का काउंटडाउन

आने वाले महीनों में भारतीय क्रिकेट टीम को कई अहम और कठिन विदेशी टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, जिसमें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के महत्वपूर्ण मुकाबले शामिल हैं। मौजूदा लय और फिटनेस को देखते हुए यह लगभग तय है कि आगामी टेस्ट मैचों में ऋषभ पंत न केवल एडम गिलक्रिस्ट के 2634 रनों के वर्ल्ड रिकॉर्ड को ध्वस्त करेंगे, बल्कि वे टेस्ट क्रिकेट में छक्कों के मामले में ब्रेंडन मैकुलम के 107 छक्कों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे।

पंत की यह ऐतिहासिक पारी इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि वे केवल एमएस धोनी की विरासत को आगे ही नहीं बढ़ा रहे, बल्कि विश्व टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाजों के नए मानक और नई परिभाषाएं गढ़ रहे हैं। कोलंबो में दर्ज हुआ यह कीर्तिमान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में याद रखा जाएगा।