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August 24 2026 06:55 pm

न्यूजीलैंड में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन, संसद में पेश हुआ कड़ा ऑनलाइन सेफ्टी बिल

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न्यूजीलैंड सरकार ने देश के युवाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बढ़ती ऑनलाइन प्रताड़ना, लत लगाने वाले एल्गोरिदम और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभावों से नई पीढ़ी को बचाने के लिए संसद में 'ऑनलाइन सेफ्टी बिल' पेश किया गया है, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान और टेक कंपनियों पर शिकंजा

इस नए कानून के तहत नियम न मानने वाली मेटा, टिकटॉक और स्नैपचैट जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों पर उनके ग्लोबल रेवेन्यू का 10 प्रतिशत तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र सत्यापित करने के लिए डिजिटल आईडी, फेशियल एज एस्टीमेशन और आधिकारिक दस्तावेजों का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, शिक्षा मंत्री एरिका स्टैनफोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन कराने की पूरी कानूनी जिम्मेदारी सिर्फ कंपनियों की होगी और बच्चों या उनके माता-पिता पर किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का कहना है कि हर तीन में से एक बच्चा रोजाना 5 घंटे से ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिता रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और नींद प्रभावित हो रही है।

राजनीतिक चुनौतियां और वैश्विक स्तर पर बढ़ते ऐसे कानून

इस विधेयक को संसद में पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री लक्सन की गठबंधन सरकार को राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके दो साझेदार दल 'एक्ट' और 'न्यूजीलैंड फर्स्ट' इसके विरोध में हैं। वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था जहां ऐसा कानून लागू हुआ, और अब इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्राजील और फ्रांस जैसे कई देश भी बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सख्त उम्र सीमा और वेरिफिकेशन के नियम लागू कर चुके हैं।