बरेली के डॉ. आरके भास्कर को राष्ट्रीय सम्मान: अकेले 8 लाख से अधिक लोगों को सिखाई जीवन बचाने वाली सीपीआर तकनीक
अस्पताल पहुंचने से पहले किसी व्यक्ति की सांस और धड़कन अचानक रुक जाने की स्थिति में दिया गया कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) किसी की जान बचाने में सबसे निर्णायक साबित हो सकता है। इसी महत्वपूर्ण उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. आरके भास्कर पिछले 26 वर्षों से लगातार आम लोगों को सीपीआर का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके इस अनूठे अभियान के तहत अब तक 8 लाख से अधिक लोगों को सीपीआर की जानकारी और व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है।
अकेले शुरू किया था अभियान, अब बनी कारवां
डॉ. भास्कर 'डिस्ट्रिक्ट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट सोसाइटी' के अध्यक्ष हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में आम नागरिकों को सीपीआर सिखाने के इस बड़े अभियान की शुरुआत अकेले ही की थी। शुरुआत में उन्होंने पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया ताकि अस्पताल के बाहर आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल प्राथमिक मदद मिल सके।
समय के साथ सोसाइटी के अन्य चिकित्सक भी इस मुहिम से जुड़ते गए और प्रशिक्षण का दायरा लगातार बढ़ता गया। डॉ. भास्कर और उनकी टीम ने अब तक पुलिसकर्मियों, अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों, रेलवे कर्मियों और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं को भी सीपीआर का प्रशिक्षण दिया है। दुर्घटना, आगजनी या किसी यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी आपात स्थितियों में शुरुआती मदद उपलब्ध कराने के लिए यह ट्रेनिंग बेहद कारगर साबित हो रही है।
हार्ट अटैक में शुरुआती कुछ मिनट होते हैं बेहद अहम
डॉ. भास्कर का मानना है कि हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) के बाद शुरुआती कुछ मिनट जीवन बचाने के लिहाज से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में आसपास मौजूद यदि कोई आम व्यक्ति भी सही तरीके से सीपीआर देना जानता हो, तो अस्पताल पहुंचने तक मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि वे इस जीवनरक्षक तकनीक को सिर्फ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित न रखकर अधिक से अधिक आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।
इंडियन सोसाइटी ने दिया प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड
आठ लाख से अधिक लोगों को सीपीआर का प्रशिक्षण देने के इस लंबे और प्रेरणादायक अभियान को इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहा है। इस उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. आरके भास्कर को प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। बरेली से शुरू हुआ उनका यह अभियान आज देश भर के लोगों को आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए तैयार करने की एक बड़ी मिसाल बन चुका है।