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July 02 2026 05:51 am

मोदी कैबिनेट में महा-फेरबदल की तैयारी! धर्मेंद्र प्रधान की होगी छुट्टी? निर्मला सीतारमण और गडकरी का बदला जा सकता है मंत्रालय

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देश के सियासी गलियारों में इस समय सबसे बड़ी हलचल मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले संभावित कैबिनेट विस्तार (Modi Cabinet Reshuffle) को लेकर है। संसद के आगामी मॉनसून सत्र से ठीक पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े पैमाने पर फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। लुटियंस दिल्ली के सूत्रों की मानें तो इस बड़े बदलाव का सीधा असर सरकार के सबसे पावरफुल मंत्रालयों पर पड़ने वाला है। इस बार के फेरबदल में जहां कई दिग्गज मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, वहीं विवादों और नए समीकरणों के चलते कुछ बड़े चेहरों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।

नीट विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी पर खतरा!

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, मोदी कैबिनेट से जो सबसे बड़ा पत्ता कट सकता है, वह हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। पिछले काफी समय से देश में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर चौतरफा विवाद खड़ा हुआ है। विपक्ष के साथ-साथ कई संगठन और विपक्षी दल लगातार दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर सड़कों तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चौतरफा दबाव और विवादों के बीच सरकार शिक्षा मंत्रालय में किसी नए चेहरे को लाकर जनता के बीच एक बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकती है।

निर्मला सीतारमण को शिक्षा और शक्तिकांत दास को मिल सकता है वित्त मंत्रालय!

सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली चर्चा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर है। सूत्रों का दावा है कि सीतारमण के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया जा सकता है और उन्हें धर्मेंद्र प्रधान की जगह शिक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

अब सवाल उठता है कि देश का नया वित्त मंत्री कौन होगा? कयास लगाए जा रहे हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को नया वित्त मंत्री बनाया जा सकता है। दास के कार्यकाल के दौरान जिस तरह से देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक संकटों से बचाया गया और महंगाई पर लगाम लगाई गई, उससे शीर्ष नेतृत्व बेहद प्रभावित है।

इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को यूपी भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है, जिसके कारण उनकी कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है। उनकी जगह पर हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा को वित्त राज्य मंत्री के रूप में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

नितिन गडकरी का भी बदल सकता है विभाग, नए सहयोगियों की होगी एंट्री

इस संभावित फेरबदल की आंच देश के बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तक भी पहुंच सकती है। सूत्रों के मुताबिक, गडकरी के मंत्रालय में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

इसके अलावा, आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों (जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड) को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय संतुलन साधने की कवायद तेज है। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को मजबूत करने के लिए उनके सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने के पूरे कयास हैं। हाल ही में शिवसेना (UBT) से टूटकर आए सांसदों के चलते शिंदे गुट का पलड़ा भारी हुआ है। वहीं, पश्चिम बंगाल में मिली जीत के इनाम के तौर पर दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्टा की भी अमित शाह से मुलाकात के बाद कैबिनेट में एंट्री की उम्मीद बढ़ गई है।

बिहार से नीतीश कुमार की केंद्रीय कैबिनेट में हो सकती है एंट्री!

गठबंधन सरकार के इस दौर में बिहार की राजनीति में भी एक नया मोड़ आने की संभावना है। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि बिहार के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी मोदी कैबिनेट में एक बेहद महत्वपूर्ण विभाग देकर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, टीएमसी (TMC) और अन्य दलों में मची आंतरिक टूट का फायदा उठाकर भाजपा कुछ नए चेहरों को भी अपने पाले में लाकर मंत्री पद से नवाज सकती है। हालांकि, इन सभी दावों पर अंतिम मुहर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक घोषणा के बाद ही लगेगी।