June 26 2026 10:33 am

यूपी में कुदरत का कहर दिन में छाया अंधेरा, तूफान और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Post

India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला है कि दोपहर के वक्त भी रात जैसा मंजर दिखाई देने लगा। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान (Storm), मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि (Hail) ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक के कई जिलों में काले बादलों की वजह से दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे सड़कों पर वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए राज्य के कई इलाकों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।

तूफान और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान मई की चिलचिलाती गर्मी के बीच आए इस चक्रवाती तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, बरेली और आसपास के जिलों में जमकर ओले गिरे हैं।

फसलों की बर्बादी: खेतों में कटी रखी गेहूं की फसल और आम के बागों को इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचा है।

तापमान में गिरावट: तूफान के बाद चल रही ठंडी हवाओं से तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन तबाही ने चिंता बढ़ा दी है।

सड़कों पर गिरे पेड़, बिजली आपूर्ति ठप तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई जिलों में सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए।

यातायात प्रभावित: लखनऊ-दिल्ली हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने की वजह से घंटों जाम लगा रहा।

ब्लैकआउट की स्थिति: बिजली के तार टूटने से ग्रामीण इलाकों में 10 से 12 घंटों तक बिजली गुल रही। प्रशासन की टीमें पेड़ हटाने और बिजली बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं।

प्रशासन की चेतावनी: घरों में ही रहें लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की वजह से यह स्थिति बनी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों के पास न खड़े हों।

आगामी अनुमान: विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रह सकता है।

मुआवजे की तैयारी में सरकार मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित जिलाधिकारियों को तूफान और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचा है, उन्हें राहत सहायता प्रदान करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।