UP Police : मुख्तार के 'फाटक' पर आधी रात पुलिस की दस्तक 61 ठिकानों पर 'ऑपरेशन वज्र' का प्रहार
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी के संगठित आपराधिक साम्राज्य (IS-191 गैंग) की जड़ें खोदने के लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। सोमवार देर रात पुलिस प्रशासन ने 'ऑपरेशन वज्र' (Operation Vajra) के तहत एक साथ 61 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया। पुलिस की मुख्य प्राथमिकता पिछले लंबे समय से फरार चल रही मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी का सुराग लगाना है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
'फाटक' की घेराबंदी: सिबगतुल्लाह अंसारी से घंटों पूछताछ
इस महा-अभियान के दौरान पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई मुहम्मदाबाद स्थित अंसारी परिवार के पैतृक आवास 'फाटक' पर हुई। भारी पुलिस बल ने आवास के कोने-कोने की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस की एक टीम सांसद अफजाल अंसारी के आवास पर भी पहुंची। मुख्तार के बड़े भाई और पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी से पुलिस ने काफी देर तक पूछताछ की। पुलिस का सीधा सवाल था कि आफ्शां अंसारी को छिपने में कौन मदद कर रहा है और उसके संभावित ठिकाने कहां हैं?
5 थानों की 12 टीमें और 24 हिरासत: पुलिस का मास्टरप्लान
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देश पर इस विशाल सर्च ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, करंडा, जंगीपुर और सदर कोतवाली की 12 विशेष टीमों का गठन किया गया था। एसपी ने बताया कि गोपनीय सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य जिले की शांति व्यवस्था भंग करने और किसी बड़ी अवांछनीय गतिविधि को अंजाम देने की फिराक में हैं। छापेमारी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर 24 करीबियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गुप्त स्थानों पर पूछताछ जारी है।
90 हथियारों का सत्यापन: गैंग की आर्थिक और सैन्य रीढ़ पर प्रहार
पुलिस केवल ठिकानों पर ही नहीं रुकी, बल्कि गैंग के आर्थिक और शारीरिक बल पर भी चोट की है। जांच में सामने आया है कि इस गैंग से जुड़े सदस्यों के पास कुल 90 लाइसेंसी असलहे दर्ज हैं। इनमें से कई के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस अब एक-एक शस्त्र का भौतिक सत्यापन कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निरस्त असलहे सरकारी मालखाने में जमा हैं या नहीं। साथ ही, सभी सदस्यों का नया 'डोजियर' (आपराधिक कच्चा चिट्ठा) तैयार किया जा रहा है।
नहीं बचेंगे मददगार: पुलिस ने कस दिया है शिकंजा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि माफिया नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जो सदस्य छापेमारी के वक्त घर पर नहीं मिले, उनकी तलाश के लिए सर्विलांस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। पुलिस का मानना है कि इस स्तर की घेराबंदी से फरार इनामी अपराधियों पर आत्मसमर्पण का दबाव बढ़ेगा। गाजीपुर पुलिस की इस कार्रवाई से अंसारी गैंग के मददगारों और गुर्गों में दहशत का माहौल है।