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September 09 2026 02:31 am

IND vs SL: ओवल के रास्ते में खड़ा गॉल का किला, गिल और गंभीर की जोड़ी के लिए आसान नहीं होगी श्रीलंका की चुनौती

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भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर है, जहां उसे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए एक बेहद कड़ी और ऐतिहासिक चुनौती का सामना करना है। ऐतिहासिक गॉल के किले के ठीक सामने स्थित गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाने वाला है। यदि भारतीय टीम को अगले साल जून में लंदन के ओवल मैदान पर होने वाले WTC फाइनल का टिकट कटाना है, तो कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर की अगुਵਾਈ वाली इस युवा टीम को श्रीलंकाई सरजमीं पर इतिहास रचना होगा।

WTC फाइनल की रेस और गॉल की ऐतिहासिक चुनौती

क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि गॉल के मैदान पर श्रीलंका को हराना किसी भी विदेशी टीम के लिए लोहे के चने चबाने जैसा रहा है। मेजबान श्रीलंका ने इस ऐतिहासिक मैदान पर अब तक खेले गए कुल 49 टेस्ट मैचों में से 27 में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि उसे केवल 15 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, भारतीय टीम का इस मैदान पर रिकॉर्ड बहुत ज्यादा मजबूत नहीं रहा है, उसने यहां खेले गए पांच में से तीन टेस्ट मैचों में हार झेली है। वर्तमान समीकरणों को देखें तो भारत को WTC फाइनल में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अगले 9 टेस्ट मैचों में से कम से कम 7 मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। टीम इस पूरी सीरीज के दौरान अब एक से ज्यादा हार का जोखिम नहीं उठा सकती है।

कोच गौतम गंभीर और टीम की रणनीति पर टिकी निगाहें

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली करारी हार के बाद से मुख्य कोच गौतम गंभीर और भारतीय टेस्ट टीम लगातार आलोचकों के निशाने पर हैं। यही वजह है कि इस बार टीम मैनेजमेंट ने अपनी तैयारियों में कोई भी कसर नहीं छोड़ी है। सीरीज शुरू होने से काफी पहले श्रीलंका पहुंच चुकी भारतीय टीम ने कोलंबो में तीन दिन का अभ्यास मैच खेलने के साथ-साथ गॉल की पसीने छुड़ाने वाली परिस्थितियों में जमकर नेट प्रैक्टिस की है। गॉल के मौसम का मिजाज भी काफी अनोखा है, जहां हिंद महासागर से आने वाली हवाएं और पल-पल बदलता मौसम अपनी भूमिका निभाता है। गुरुवार को भी यहां सुबह बारिश और दोपहर में तेज धूप का खेल देखने को मिला था।

बिना घास की पिच पर तीन स्पिनरों के साथ उतरेगी टीम इंडिया

गॉल की भूरी और बिना घास वाली पिच के मिजाज को भांपते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अपनी प्लेइंग इलेवन को लेकर पूरी तस्वीर साफ कर दी है। भारतीय टीम इस मुकाबले में दो तेज गेंदबाजों (मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा) के साथ-साथ तीन मुख्य बाएं हाथ के स्पिनरों (रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार) की रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगी। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल का भी मानना है कि भले ही तीनों स्पिनर बाएं हाथ के हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी की शैली एक-दूसरे से काफी अलग है। कुलदीप की कलाई का जादू, जडेजा की अचूक सटीकता और सुथार की क्लासिकल स्पिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। बल्लेबाजी क्रम में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरैल और सरफराज खान जैसे धुरंधर मोर्चा संभालते नजर आएंगे।

मैच से जुड़े कुछ दिलचस्प आंकड़े

ऐतिहासिक मील का पत्थर: श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाला यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास का पारंपरिक प्रारूप में 600वां टेस्ट मैच होगा।

गॉल का अर्धशतक: यह मुकाबला गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के इतिहास का 50वां टेस्ट मैच भी होगा।

लंबा अंतराल: भारतीय टीम साल 2017 के बाद पहली बार श्रीलंका में कोई टेस्ट मैच खेलने उतरी है, हालांकि उस दौरे का हिस्सा रहे केएल राहुल और रवींद्र जडेजा इस वर्तमान टीम का भी हिस्सा हैं।