शिव को भस्म, विष्णु को चंदन: जानें किस देवी-देवता को कौन-सा तिलक लगाना है सबसे फलदायी और शुभ
हिंदू सनातन धर्म में पूजा-पाठ, अनुष्ठान और मांगलिक कार्यों के दौरान देवी-देवताओं को तिलक अर्पित करने का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिलक के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। माथे के मध्य भाग को ध्यान, चेतना और ऊर्जा का मुख्य केंद्र कहा जाता है। देवी-देवताओं को चंदन, सिंदूर, रोली या भस्म का तिलक लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। हालांकि, अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए अलग-अलग प्रकार के तिलक का महत्व बताया गया है, जिसके बारे में विस्तार से जानना हर आस्तिक के लिए जरूरी है।
प्रमुख देवी-देवताओं को कौन सा तिलक है सबसे प्रिय?
विभिन्न देवी-देवताओं की कृपा पाने के लिए उन्हें उनकी पसंद का तिलक अर्पित करना बेहद शुभ फल देता है:
भगवान गणेश: प्रथम पूज्य भगवान गणेश को लाल सिंदूर का तिलक लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि इससे विघ्नहर्ता प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी संकट व बाधाएं दूर होती हैं। लाल सिंदूर बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक है।
भगवान शिव: देवों के देव महादेव को भस्म या सफेद चंदन का तिलक लगाया जाता है। शिव जी पर त्रिपुंड लगाने से साधक को मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भगवान विष्णु: जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु को पीला चंदन या गोपी चंदन का तिलक लगाना अत्यंत प्रिय है। यह तिलक लगाने से साधक भगवान विष्णु का विशेष कृपापात्र बनता है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
संकटमोचन हनुमान जी: बजरंगबली को चमेली के तेल में घोला हुआ सिंदूर का तिलक लगाया जाता है। इससे हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन के सभी कष्टों व डरावने संकटों का निवारण करते हैं।
सूर्य देव और शनि देव: ग्रहों के राजा सूर्य देव को लाल चंदन या रोली का तिलक लगाने से करियर और कारोबार में तरक्की मिलती है, जबकि कर्मफलदाता शनि देव को भस्म या काले चंदन का तिलक लगाने से शनि दोष और साढ़ेसाती के दुष्प्रभावों में राहत मिलती है।
माता दुर्गा और अन्य देवियां: मां दुर्गा, माता लक्ष्मी और मां सरस्वती को रोली या लाल सिंदूर का तिलक लगाना बेहद फलदायी माना जाता है। इससे जीवन में शुभ परिणाम और अटूट ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।