Mukhtar Abbas Naqvi reached the Iranian Embassy: खामेनेई के निधन पर जताया शोक, शांति की अपील
India News Live,Digital Desk : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार, 9 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास (Embassy of Iran) का दौरा किया। नकवी वहां ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने और श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। बता दें कि खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सैन्य हमलों में हुई थी।
"युद्ध हल नहीं, बल्कि खुद एक समस्या है"
दूतावास में ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए नकवी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने शांति का समर्थन करते हुए कहा:
शांति का मार्ग: "युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि युद्ध स्वयं में एक बड़ी समस्या है। इंसानियत की सुरक्षा के लिए शांति अनिवार्य है।"
अमृत की प्रार्थना: नकवी ने एक दार्शनिक अंदाज में कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि इस संकट के सागर से 'शांति का अमृत' निकले।"
सप्रभुता का सम्मान: उन्होंने जोर देकर कहा कि हर देश की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।
90 लाख भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि
नकवी ने इस बात पर भी जोर दिया कि खाड़ी देशों और ईरान में लाखों भारतीय नागरिक रहते हैं। क्षेत्र में शांति बहाल होना न केवल वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी है, बल्कि वहां बसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार को दोहराया कि "यह युद्ध का युग नहीं है" और भारत हमेशा से बुद्ध की शांतिवादी विचारधारा का समर्थक रहा है।
विपक्ष और अन्य नेताओं की उपस्थिति
नकवी के अलावा सोमवार को कई अन्य प्रमुख भारतीय नेताओं ने भी ईरानी दूतावास का रुख किया:
महबूबा मुफ्ती: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी दूतावास जाकर श्रद्धांजलि दी और ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा राजदूत के सामने उठाया।
कपिल सिब्बल: इससे पहले राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी शोक सभा में भाग लिया और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन पर चिंता जताई थी।
सरकारी प्रतिनिधि: भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी पहले ही शोक पुस्तिका (Condolence Book) पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार
ईरान में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के बाद से इजरायल ने अपने हमले तेज कर दिए हैं। वहीं, ईरान ने भी पलटवार की धमकी दी है। इस अनिश्चितता के माहौल में भारत का रुख संतुलित रहा है, जिसमें वह मानवीय आधार पर ईरान के साथ सहानुभूति रखते हुए भी कूटनीतिक रूप से शांति की अपील कर रहा है।