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August 06 2026 11:26 pm

यूपी विधानसभा में भारी हंगामा: सपा विधायक सचिन यादव निलंबित, बिना चर्चा के पास हुआ अनुपूरक बजट

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन सड़क से लेकर सीधा सदन के अंदर तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण और अनुपूरक बजट पेश किए जाने के दौरान भी विपक्षी दलों के विधायक वेल में आकर लगातार नारेबाजी करते रहे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की बार-बार की अपीलों के बावजूद जब हंगामा नहीं थमा, तो सत्ता पक्ष ने बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से कई विधेयक और अनुपूरक बजट पास करवा लिए।

बिना चर्चा के पास हुए विधेयक और अनुपूरक बजट

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को पहले एक घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा। दोबारा सत्र शुरू होने पर भी जब विरोध नहीं रुका, तो संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की पहल पर सत्ता पक्ष ने लोक सेवा अधिकरण संशोधन विधेयक समेत अन्य प्रस्तावों को बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से पारित करवाना शुरू कर दिया। इसी भारी शोर-शराबे और विरोध के बीच राज्य का अनुपूरक बजट भी सदन में प्रस्तुत कर दिया गया।

सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए विपक्ष के रवैये को आड़े हाथों लिया।

असंविधानिक और शर्मनाक आचरण: सीएम योगी ने कहा कि मानसून सत्र में 25 करोड़ जनता की भावनाओं और उनके हितों पर चर्चा करने का बेहतरीन मौका था, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास न रखने वाले लोग संसदीय संस्थाओं का लगातार अपमान कर रहे हैं।

समय की बर्बादी: उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में जो एजेंडा पहले से तय किया गया था, विपक्ष ने उन विधायी कार्यों में कोई रुचि नहीं दिखाई और जानबूझकर सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद किया।

सपा विधायक सचिन यादव निलंबित, मार्शलों से हुई धक्का-मुक्की

हंगामे के दौरान उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब फिरोजाबाद के जसराना से समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने सदन के भीतर प्लेकार्ड (पोस्टर) लहराकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्पीकर की कड़ी चेतावनी: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें लगातार चेतावनी दी कि यदि वे नियम तोड़ेंगे तो उनकी सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव एथिक्स कमेटी को भेज दिया जाएगा।

निलंबन और निष्कासन: चेतावनी के बावजूद जब हंगामा जारी रहा, तो स्पीकर ने विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया और मार्शलों को उन्हें सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।

मार्शलों से धक्का-मुक्की: विधायक को बाहर ले जाने के दौरान मार्शलों और विपक्षी विधायकों के बीच तीखी धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।