यूपी में झमाझम बारिश का दौर जारी: मेरठ से लेकर लखनऊ तक टूटे रिकॉर्ड, अगस्त में सक्रिय हुआ मानसून; जानें मौसम का पूरा हाल
उत्तर प्रदेश में बुधवार देर शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी पूरे दिन लगातार जारी रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर राजधानी लखनऊ तक हो रही झमाझम बारिश ने एक तरफ जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में जलभराव के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून का यह सक्रिय दौर अभी 10 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है।
मेरठ में टूटे पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में इस बार मानसून ने जमकर कहर बरपाया है। बुधवार रात वेस्ट यूपी में सर्वाधिक 56.9 मिमी बारिश अकेले मेरठ में रिकॉर्ड की गई।
जून और जुलाई का रिकॉर्ड: इस साल जून और जुलाई दोनों महीनों में मेरठ में पिछले 10 वर्षों की सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। दोनों महीनों की औसत सामान्य बारिश 308.3 मिमी है, जबकि इस साल यह बढ़कर 665.1 मिमी पहुंच गई। अकेले जुलाई 2026 में 573.4 मिमी बारिश हुई, जो एक दशक का रिकॉर्ड है।
अगस्त की शुरुआत में भी भारी बारिश: अगस्त के शुरुआती छह दिनों में ही मेरठ में 103.9 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कुल सामान्य बारिश (217.9 मिमी) का 47.7 फीसदी है।
लखनऊ में अलीगंज बना सबसे नम इलाका, शहर में जलभराव
राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहा।
क्षेत्रवार बारिश के आंकड़े: लखनऊ के अलीगंज में सबसे अधिक 78.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद हजरतगंज और आसपास के क्षेत्रों में 54.2 मिमी, एयरपोर्ट पर 14.0 मिमी, मलिहाबाद में 10.0 मिमी, सरोजनीनगर के बनी में 2.0 मिमी और मोहनलालगंज में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जलभराव से परेशानी: भारी बारिश के कारण शहर के उदयगंज, कैसरबाग, हजरतगंज, भाजपा मुख्यालय के आसपास और शहीद पथ समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पारा लुढ़का: लगातार बादलों और बारिश की वजह से दिन के तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगस्त महीने के पिछले 6 वर्षों के आंकड़े (मिमी में)
लखनऊ मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में अगस्त के महीने में हुई वर्षा का तुलनात्मक विवरण इस प्रकार है:
2026 (जुलाई तक): 275.9 मिमी
2025: 117.6 मिमी
2024: 55.7 मिमी
2023: 48.8 मिमी
2022: 28.6 मिमी
2021: 60.6 मिमी (इस वर्ष सर्वाधिक कुल 1207.9 मिमी बारिश दर्ज हुई थी)
2020: 78.2 मिमी
मानसून की देरी की भरपाई कर रहा अगस्त
लखनऊ मौसम केंद्र के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पूर्वी यूपी में इस बार मानसून एक सप्ताह की देरी से आया था, जिसकी पूरी भरपाई अब अगस्त का महीना बखूबी कर रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह में 106.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो जुलाई के पहले सप्ताह की तुलना में ढाई गुना (2.50) अधिक है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का यह दौर यूं ही बना रहेगा।