यमन में हूती विद्रोहियों का खूनी तांडव: मिलिट्री कैंप पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों में 30 जवानों की मौत, 50 से अधिक घायल
मध्य और पूर्वी यमन में एक बार फिर भीषण हिंसा भड़क उठी है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सरकारी सेना के सैन्य शिविरों को निशाना बनाकर बेहद घातक हमले किए हैं। यमन सरकार के अधिकारियों के अनुसार, मारिब और हद्रामौत प्रांतों में स्थित मिलिट्री कैंपों पर हुए इन मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम 30 सरकारी सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। साल 2022 में हुए संघर्षविराम के बाद से इसे इस क्षेत्र का सबसे बड़ा और घातक सैन्य टकराव माना जा रहा है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
मारिब और हद्रामौत कैंपों को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने समन्वित तरीके से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मारिब और हद्रामौत के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस अचानक हुए जोरदार हमले से कैंपों में अफरातफरी मच गई और भारी जानमाल का नुकसान हुआ। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई सैनिकों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद से यमनी सुरक्षा बलों और विद्रोही गुटों के बीच संघर्ष के फिर से बड़े पैमाने पर भड़कने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
लाल सागर और क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंडराया नया खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर और आसपास के जलमार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच यह हमला क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ा झटका है। हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय ताकतों के बीच गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। इस नवीनतम सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है। यमन में पिछले एक दशक से चल रहे गृहयुद्ध के बीच यह खूनी संघर्ष एक बार फिर शांति स्थापना के तमाम प्रयासों को गहरी चोट पहुंचा रहा है।