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August 07 2026 05:53 pm

PoK प्रदर्शनों पर किरकिरी के बाद पाकिस्तान का बड़ा कदम, विदेशी मीडिया पर कसा शिकंजा; इन 3 शहरों के बाहर रिपोर्टिंग के लिए लेनी होगी NOC

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पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हनन और अंदरूनी हालात को लेकर दुनिया भर में घिरी शहबाज शरीफ सरकार ने अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर पूरी तरह शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुए हिंसक प्रदर्शनों और वहां की गई दमनात्मक कार्रवाई की कवरेज विदेशी मीडिया द्वारा प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद पाकिस्तान की भारी किरकिरी हुई थी। इसी अंतरराष्ट्रीय आलोचना और सच को दुनिया के सामने आने से रोकने के लिए अब इस्लामाबाद ने विदेशी संवाददाताओं और मीडिया घरानों पर बेहद कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

नए दिशा-निर्देशों के तहत तीन शहरों के बाहर रिपोर्टिंग पर पाबंदी

पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी नई 'फॉरेन मीडिया फैसिलिटेशन गाइडलाइंस-2026' के अनुसार अब देश में काम कर रहे विदेशी पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को केवल इस्लामाबाद, लाहौर और कराची इन तीन शहरों के भीतर ही बिना रोक-टोक काम करने की अनुमति होगी। इसके बाहर किसी भी तरह की रिपोर्टिंग, डॉक्यूमेंट्री या वीडियो कंटेंट तैयार करने के लिए सरकार से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इस दायरे में केवल मुख्य रिपोर्टर ही नहीं, बल्कि विदेशी मीडिया संस्थानों से जुड़े स्थानीय पत्रकार, फ्रीलांसर्स, अनुवादक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले लोग भी शामिल किए गए हैं।

वैश्विक मंच पर बढ़ रही आलोचना और प्रेस फ्रीडम पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि पाकिस्तान सरकार का यह कदम देश के अंदर चल रहे दमन चक्र और प्रशासनिक विफलताओं को दुनिया की नजरों से छुपाने की एक सुनियोजित कोशिश है। एमनेस्टी इंटरनेशनल और विभिन्न प्रेस एसोसिएशनों ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। ग्लोबल प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पहले ही काफी निचले पायदान पर मौजूद पाकिस्तान के इस दमनकारी कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को और अधिक धक्का लगा है।