BREAKING:
August 14 2026 10:07 am

मिडिल ईस्ट से आई बड़ी खुशखबरी: थमने वाला है ईरान-अमेरिका युद्ध! इसी हफ्ते यूरोप में साइन हो सकती है ऐतिहासिक 'पीस डील'

Post

वाशिंगटन/इस्लामाबाद: पिछले तीन महीनों से मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) को दहलाने वाला ईरान-अमेरिका सैन्य टकराव अब पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार को संकट में डालने वाली इस जंग को रोकने के लिए दोनों महाशक्तियां एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बेहद करीब हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कूटनीतिक सूत्रों से मिले संकेतों के मुताबिक, इस 'पीस डील' पर इसी सप्ताह के अंत तक यूरोप के किसी शहर में अंतिम मुहर लग सकती है। इस महा-समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दावा किया है कि शांति समझौते के अंतिम मसौदे पर सहमति बन चुकी है।

डोनाल्ड ट्रंप का ओवल ऑफिस से बड़ा एलान: मुजतबा खामेनेई ने दी मंजूरी!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस कूटनीतिक प्रगति को दुनिया के लिए एक 'बड़ा सेटलमेंट' करार दिया। ट्रंप ने बेहद आश्वस्त लहजे में कहा:

"दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और अगले कुछ ही दिनों में संभवतः यूरोप में इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरानी सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने व्यक्तिगत रूप से इस समझौते को अपनी हरी झंडी दे दी है, क्योंकि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान को भारी रणनीतिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस डील के लागू होते ही वैश्विक तेल आपूर्ति की लाइफलाइन माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को दोबारा पूरी तरह खोल दिया जाएगा।"

पाकिस्तान, कतर और UAE की मध्यस्थता: नाम मिला 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम'

इस वैश्विक तनाव को कम करने के पीछे पाकिस्तान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की पर्दे के पीछे की कूटनीति को बेहद अहम माना जा रहा है। दरअसल, जब हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर अब तक के सबसे विनाशकारी और भीषण हमले की खुली चेतावनी दी थी, तब इन खाड़ी देशों और पाकिस्तानी नेतृत्व ने अमेरिकी प्रशासन से संपर्क साधकर उन्हें सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत की मेज पर आने के लिए राजी किया।

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि समझौते का फाइनल ड्राफ्ट तैयार है। इसे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (Islamabad MoU) का नाम दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस गोपनीय समझौते के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: समझौते के 30 दिनों के भीतर इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को कमर्शियल जहाजों के लिए खोला जाएगा।

फ्रीज संपत्ति की बहाली: अलग-अलग देशों के बैंकों में ब्लॉक की गई ईरान की 24 अरब डॉलर की विशाल संपत्ति को वापस तेहरान को जारी किया जाएगा।

परमाणु वार्ता: परमाणु से जुड़े विवादित मुद्दों के समाधान के लिए 60 दिनों के भीतर एक नए सिरे से हाई-लेवल वार्ता शुरू होगी।

नोट: हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया में लीक हुई इन कुछ शर्तों को 'फेक न्यूज' करार देते हुए कहा है कि वास्तविक लिखित शर्तें इससे अलग हैं।

रेड लाइंस पर अड़ा ईरान, तो इधर इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भरी हुंकार

इस समझौते को लेकर ईरान फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि भले ही अधिकांश ड्राफ्ट तैयार है, लेकिन तेहरान ने अभी तक आखिरी दस्तखत नहीं किए हैं। उन्होंने साफ किया कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ईरान का संप्रभु नियंत्रण (Sovereign Control) हमेशा बना रहेगा और वे अपनी रेड लाइंस से कोई समझौता नहीं करेंगे।

दूसरी तरफ, इस संभावित डील के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पुरानी आक्रामक मुद्रा बरकरार रखी है। नेतन्याहू ने हुंकार भरते हुए कहा, "जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, ईरान को कभी भी परमाणु बम या घातक परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप और मैं इस सुरक्षात्मक विजन पर पूरी तरह से एकमत हैं।"

भारत के लिए क्यों संजीवनी साबित होगा यह शांति समझौता?

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली यह 'पीस डील' भारत के सामरिक और आर्थिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल होने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे। सबसे बड़ी राहत समुद्र में काम करने वाले उन हजारों भारतीय नाविकों (Indian Sailors) को मिलेगी, जिनकी जान पिछले कुछ महीनों से इस इलाके में जारी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण लगातार खतरे में बनी हुई थी। इसके अलावा, कच्चा तेल (Crude Oil) सस्ता होने से भारतीय बाजारों को भी बड़ी राहत मिलेगी।