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August 25 2026 09:54 pm

नन्हे मुन्नों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त लगेगा हेपेटाइटिस-बी और पोलियो का टीका, स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला...

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India News Live,Digital Desk : देश में नवजात शिशुओं की सेहत और सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब अभिभावकों को अपने बच्चों के टीकाकरण के लिए केवल सरकारी अस्पतालों या डिस्पेंसरी के भरोसे नहीं रहना होगा। सरकार की नई पहल के तहत अब निजी यानी प्राइवेट अस्पतालों में भी नवजात शिशुओं को हेपेटाइटिस-बी और पोलियो का टीका पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय का उद्देश्य देश के हर बच्चे तक समय पर जीवनरक्षक वैक्सीन पहुंचाना और टीकाकरण कवरेज को शत-प्रतिशत करना है।

निजी अस्पतालों के साथ सरकार का हाथ, अभिभावकों की जेब को मिलेगी राहत

अक्सर देखा जाता है कि मध्यम और उच्च वर्ग के लोग प्रसव के लिए निजी अस्पतालों को प्राथमिकता देते हैं, जहां जन्म के तुरंत बाद लगने वाले टीकों के लिए भारी भरकम फीस वसूली जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने अब इस विसंगति को दूर करने के लिए निजी अस्पतालों के साथ विशेष समझौता किया है। नई योजना के मुताबिक, प्राइवेट अस्पताल अब इन अनिवार्य टीकों के लिए कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे। विभाग द्वारा इन अस्पतालों को मुफ्त में वैक्सीन की खेप उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, किसी भी बच्चे का टीकाकरण न छूटे।

हेपेटाइटिस-बी और पोलियो के खिलाफ जंग होगी और तेज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हेपेटाइटिस-बी का टीका जन्म के 24 घंटे के भीतर लगना बेहद जरूरी होता है ताकि मां से बच्चे में संक्रमण फैलने का खतरा खत्म हो सके। वहीं, पोलियो की 'जीरो डोज' भी जन्म के तत्काल बाद अनिवार्य है। कई बार निजी अस्पतालों में महंगी फीस या स्टॉक की कमी के चलते इसमें देरी हो जाती थी। सरकार की इस बड़ी पहल से अब टीकाकरण की प्रक्रिया और अधिक सरल और सुलभ हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और भविष्य की पीढ़ी को खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकेगा।

पंजीकरण और निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम तैयार

इस योजना को पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया है। प्राइवेट अस्पतालों को हर टीकाकरण की जानकारी सरकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। इससे विभाग को यह ट्रैक करने में मदद मिलेगी कि कितने बच्चों को टीका लगा और स्टॉक की स्थिति क्या है। इसके साथ ही, अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है कि यदि कोई प्राइवेट अस्पताल इन मुफ्त टीकों के लिए पैसे की मांग करता है, तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।