Putin's statemen : न्यू स्टार्ट संधि पर रूस का फैसला, अमेरिका से भी की उम्मीद

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India News Live,Digital Desk : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को घोषणा की कि रूस अमेरिका के साथ परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते न्यू स्टार्ट संधि का पालन एक साल और करेगा। यह संधि दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों पर नियंत्रण की आख़िरी बड़ी डील है।

पुतिन ने साफ कहा कि अगर यह समझौता खत्म हो जाता है तो इसका असर पूरी दुनिया की स्थिरता पर नकारात्मक पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका भी संधि की शर्तों का पालन करेगा। गौरतलब है कि यह संधि 5 फरवरी 2026 को समाप्त होने जा रही है। इसके तहत अमेरिका और रूस अपने परमाणु हथियारों, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों और बमवर्षक विमानों की संख्या सीमित रखते हैं।

पुतिन का रुख क्या है?

रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में पुतिन ने कहा कि रूस 5 फरवरी 2026 के बाद भी एक साल तक संधि की मुख्य सीमाओं का पालन करेगा। लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि यह तभी संभव होगा जब अमेरिका भी नियमों का पालन करे।

पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका संतुलन बिगाड़ने वाला कोई कदम उठाता है, तो रूस अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अमेरिका और रूस के बीच संधि को आगे बढ़ाने या नवीनीकरण पर बातचीत शुरू नहीं हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने दोनों देशों के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना दिया है।

ट्रंप का बयान और पुतिन की प्रतिक्रिया

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वह एक नई परमाणु हथियार नियंत्रण संधि चाहते हैं, जिसमें चीन को भी शामिल किया जाए।
इस पर पुतिन का कहना है कि रूस द्वारा दिया गया यह एक साल का विस्तार परमाणु हथियारों के फैलाव को रोकने और अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने की दिशा में एक अहम कदम है।