Zepto, BookMyShow, और IndiGo समेत 9 ऐप्स पर 20 लाख रुपये का जुर्माना; डार्क पैटर्न के इस्तेमाल पर CCPA की बड़ी कार्रवाई
ऑनलाइन शॉपिंग, मूवी टिकट बुकिंग या फिर किसी कोर्स के लिए पेमेंट करते वक्त बिल अचानक बढ़ जाना एक आम बात बन गई है। स्क्रीन पर दिखने वाली शुरुआती कीमत पेमेंट के समय हैंडलिंग फीस, ऑटो-मैटिक सब्सक्रिप्शन या पहले से टिक किए गए डोनेशन की वजह से बदल जाती है। इसी तरह की ग्राहक विरोधी और भ्रामक तकनीकों (डार्क पैटर्न) पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जेप्टो, बुक माय शो, इंडिगो और फिजिक्स वाला समेत 9 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकार ने संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में इस सख्त कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है।
जानिए कैसे ग्राहकों को फंसाते थे ये ऐप्स और किस पर लगा कितना जुर्माना
डार्क पैटर्न ऐसे वेबसाइट और ऐप डिजाइन होते हैं जो यूजर्स को अनजाने में ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर या गुमराह करते हैं जो वे सामान्य स्थिति में नहीं लेते। सीसीपीए की जांच में सामने आया कि क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto ग्राहकों को शुरुआत में कम कीमत दिखाता था लेकिन बाद में हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस के जरिए बिल बढ़ा देता था। इसे 'ड्रिप प्राइसिंग' और 'बास्केट स्नीकिंग' मानते हुए जेप्टो पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसके बाद कंपनी ने इस प्रैक्टिस को बंद कर दिया है। इसी तरह, BookMyShow पर अपने 'BookASmile' चैरिटी इनिशिएटिव के लिए 1 रुपये का डोनेशन पहले से टिक (Pre-checked) रखने पर कार्रवाई की गई।
इंडिगो की कन्फर्म शेमिंग और फिजिक्स वाला पर भी हुई कार्रवाई
लोकप्रिय एयरलाइन IndiGo को उसके ऐप में इस्तेमाल की जाने वाली 'कन्फर्म शेमिंग' तकनीक के लिए फटकार लगाई गई। एयरलाइन के ऐप पर ऑप्ट-आउट मैसेज में लिखा होता था, "नहीं, मैं रिस्क लूंगा," जिसे बाद में रेगुलेटर के हस्तक्षेप के बाद बदलकर न्यूट्रल कर दिया गया। वहीं, एजुकेशन प्लेटफॉर्म Physics Wallah पर 5 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया क्योंकि उसके 'PW फाउंडेशन' के लिए 10 रुपये का दान अपने-आप पहले से चुना हुआ होता था और मुफ्त कोर्स के बदले यूजर्स से पर्सनल डेटा मांगा जा रहा था। इसके अलावा FirstCry, PharmEasy, McAfee, SpiceJet और Anuj Jindal जैसी कंपनियों पर भी छिपे हुए चार्ज, फर्जी काउंटडाउन टाइमर और जबरदस्ती सब्सक्रिप्शन थोपने के लिए 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। भारत सरकार के उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि साल 2023 के डार्क पैटर्न गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा।