यूपी में होमगार्ड जवानों को मिलेगी CPR और फर्स्ट एड की अनिवार्य ट्रेनिंग, सीएम योगी ने 'गोल्डन ऑवर' को लेकर दिए कड़े निर्देश
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रविवार को होमगार्ड विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि अब प्रदेश के सभी होमगार्ड जवानों को अनिवार्य रूप से सीपीआर (CPR - कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और फर्स्ट एड (प्राथमिक चिकित्सा) की ट्रेनिंग दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सड़क दुर्घटना, आपदा या आपातकालीन स्थिति में पुलिस और होमगार्ड का जवान ही समाज का 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (First Responder) होता है, जो पीड़ित के पास सबसे पहले पहुंचता है। ऐसे में यदि जवानों को प्राथमिक चिकित्सा का सही ज्ञान होगा, तो वे समय रहते किसी भी गंभीर मरीज की जान बचा सकेंगे।
'गोल्डन ऑवर' का महत्व समझेंगे जवान, सजगता से बचेगी जान
बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'गोल्डन ऑवर' (Golden Hour) के महत्व पर विशेष जोर दिया। चिकित्सा विज्ञान में दुर्घटना या हार्ट अटैक के बाद के शुरुआती 1 घंटे को 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है, जिसमें अगर मरीज को सही प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना 80% तक बढ़ जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "होमगार्ड स्वयंसेवकों की सजगता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता संकट के समय जीवन बचाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुरूप इस पूरे संगठन को अधिक सक्षम, आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाया जाना चाहिए।"
उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन का बढ़ता दायित्व
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभाग के मौजूदा ढांचे और उपलब्धियों की जानकारी दी:
स्वीकृत पद: साल 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में वर्तमान में कुल 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। स्थापना के समय जहां मात्र 2,000 होमगार्ड थे, वहीं आज 67,971 होमगार्ड एक्टिव ड्यूटी पर उपलब्ध हैं।
आपदा मित्र: आपदा जोखिम न्यूनीकरण के तहत अब तक 3,812 होमगार्डों को 'आपदा मित्र' के रूप में विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा चुका है।
विशेष रेस्क्यू विंग: इसके अतिरिक्त, 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव (Fire Safety) तथा 425 जवानों को बाढ़ बचाव (Flood Rescue) कार्यों के लिए कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में पुलिस बल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
सितंबर 2026 में आएगा 41,424 पदों की भर्ती का रिजल्ट
सीएम योगी ने विभाग में चल रही एनरोलमेंट (भर्ती) प्रक्रिया की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जानी चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि 3 नवंबर 2025 को जारी की गई 'उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका' के तहत 41,424 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी ढंग से आयोजित की जा चुकी है और इसका अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में घोषित करने की पूरी तैयारी है। इस परीक्षा में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के स्थापित प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिनों का कड़ा आधारभूत प्रशिक्षण (Basic Training) दिया जाएगा।
भत्ते में हुई भारी बढ़ोतरी, वर्दी के लिए मिलेंगे पैसे
जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए सरकार ने उनके भत्तों में भी शानदार सुधार किए हैं:
ट्रेनिंग भत्ता बढ़ा: होमगार्ड्स का दैनिक प्रशिक्षण भत्ता 260 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर अब नियमित ड्यूटी भत्ते के बराबर (समकक्ष) कर दिया गया है। यानी अब ट्रेनिंग के दौरान भी जवानों को पूरा पैसा मिलेगा।
वर्दी भत्ता: इसके साथ ही प्रत्येक होमगार्ड जवान को हर तीन साल में 3,000 रुपये का वर्दी भत्ता प्रदान करने की व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास: विभाग के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 104.80 करोड़ रुपये की लागत से 20 बड़ी निर्माण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश सीएम योगी ने दिए हैं।