ईरान से डील में देरी पर अपने ही करीबियों और रिपब्लिकन नेताओं पर बुरी तरह भड़के डोनाल्ड ट्रंप

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे महायुद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के संबंध एक बार फिर बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। एक तरफ जहाँ पर्दे के पीछे शांति समझौते (Peace Deal) को लेकर कड़ा कूटनीतिक मंथन चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर युद्धविराम (Ceasefire) तार-तार हो चुका है।

इस बीच, समझौते की धीमी गति और वाशिंगटन में हो रही आंतरिक बयानबाजी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ट्रंप ने अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेताओं और विपक्षी डेमोक्रेट्स को आड़े हाथों लेते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा, "सारी बकवास बंद करो... मुझे किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि मुझे तेजी से काम करना है या धीरे-धीरे, या फिर युद्ध करना है या बातचीत!"

"ईरान वास्तव में समझौता चाहता है, बीच में आ रहे हैं कुछ राजनीतिक कीड़े"

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में जारी आंतरिक राजनीतिक खींचतान पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान के साथ डील करना स्वयं अमेरिका और उसके वैश्विक सहयोगियों के हित में है। उन्होंने विपक्ष के साथ-साथ अपनी पार्टी के विरोधियों को घेरते हुए कहा, "ईरान वास्तव में इस समय समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका के भविष्य के लिए भी बहुत अच्छा है। लेकिन कुछ देश-विरोधी रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स का मानना है कि बातचीत करना और इस समझौते को सफल बनाना मेरे बस की बात नहीं है।"

ट्रंप ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आगे कहा, "कुछ राजनीतिक कीड़े (Political Bugs) इस मामले पर बेवजह का शोर मचा रहे हैं। इस तरह की बेतुकी बातें मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में पहले कभी नहीं सुनीं। मेरी सबको यही सलाह है कि सबको एक साथ बैठना चाहिए और आराम से बात करनी चाहिए, क्योंकि चिल्लाने से नहीं बल्कि बातचीत से ही कोई ठोस रास्ता निकलेगा।"

युद्धविराम के बीच फिर भड़की जंग: कुवैत के अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का मिसाइल हमला

डोनाल्ड ट्रंप का यह गुस्सा ऐसे समय में फूटा है जब कई हफ्तों से लागू नाजुक युद्धविराम पूरी तरह ध्वस्त हो गया है और दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ ताबड़तोड़ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं।

अमेरिका का MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन ढेर: ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान की वायुसेना ने गश्त कर रहे अमेरिकी सेना के एक हाई-टेक 'MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन' को आसमान में मार गिराया। (आपको बता दें कि अमेरिकी वायुसेना अब 'MQ-9 रीपर' ड्रोन का इस्तेमाल करती है, लेकिन थल सेना अभी भी प्रीडेटर का उपयोग कर रही है)।

अमेरिका का पलटवार, रडार और दूरसंचार टावर तबाह: ड्रोन गिराए जाने से भड़के अमेरिका ने तत्काल बड़ी सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के लड़ाकू विमानों ने शनिवार और रविवार को ईरान के गेरुक शहर और रणनीतिक 'केशम द्वीप' (Qeshm Island) के आसपास भीषण बमबारी की। इस हमले में अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems), एक ग्राउंड कंट्रोल सेंटर, दो आक्रामक ड्रोन और एक प्रमुख दूरसंचार टावर (Telecom Tower) को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया।

कुवैत एयरबेस पर हमला, गूंजे सायरन: इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान की अर्द्धसैन्य बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन दागे। इस हमले के बाद पूरे कुवैत में युद्ध के सायरन गूंज उठे। कुवैती रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने सोमवार तड़के सक्रिय होते हुए कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

वैश्विक ऊर्जा संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का कब्जा

इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की किल्लत लगातार गहराती जा रही है। ईरान ने फारस की खाड़ी के सबसे संकरे और रणनीतिक मुहाने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर अपनी मजबूत सैन्य नाकेबंदी बरकरार रखी है। गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा व्यापारिक पोतों को निशाना बनाए जाने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मचा हुआ है।

दूसरी तरफ, इजरायल ने भी लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लितानी नदी से आगे के क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है, जबकि हिजबुल्लाह इजरायल के अंदर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। पश्चिम एशिया के ये हालात दर्शाते हैं कि यदि डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच जल्द ही किसी स्थायी समझौते पर मुहर नहीं लगी, तो यह छिटपुट गोलाबारी एक महायुद्ध का रूप ले लेगी, जिसमें अब तक हजारों निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है।