'सड़कों पर तूफान और रामराज्य वाला हिन्दुस्तान चाहिए', बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री की प्रयागराज में हुंकार

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India News Live,Digital Desk : संगम नगरी प्रयागराज के अरैल घाट पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमंत कथा का भव्य आगाज हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर बाबा बागेश्वर ने 'रामराज्य' का उद्घोष किया। अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में उन्होंने हिंदुओं को एकजुट होने और जातिवाद के बंधन को तोड़ने का आह्वान किया।

"मंदिरों में भीड़ और सड़कों पर तूफान चाहिए"

कथा के पहले दिन पंडाल में मौजूद हजारों भक्तों को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "प्रयागराज आने पर हर कोई पूछ रहा था कि हमें क्या चाहिए? अरे, हमें तो मंदिरों में भीड़ और सड़कों पर तूफान चाहिए, रामराज्य से भरा हिन्दुस्तान चाहिए।" उनके इस बयान पर पूरा पंडाल 'जय श्री राम' के नारों से गूंज उठा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जो ताली नहीं बजाएगा, अगले जन्म में उसकी शादी कैंसिल हो जाएगी।

हिन्दू प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाने वालों को कड़ी चेतावनी

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिन्दू प्रतीकों (बिंदी, तिलक, कलावा) का विरोध करने वाली कंपनियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, "तिलक और कलावा पर प्रतिबंध लगाने वाले अपनी कंपनी लाहौर में खोल लें। यह हमारे बाप का भारत है।" उन्होंने आगाह किया कि आज अगर मंगलसूत्र पर उंगली उठ रही है और हम एकजुट नहीं हुए, तो कल रामायण और गीता पर भी उंगली उठाई जाएगी।

जातिवाद छोड़ो, हिन्दू बनो

प्रयागराज की धरती से एकता का संदेश देते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा, "हमें जात-पात में नहीं बंटना है। हम हिन्दू हैं, हम सनातनी हैं। चाहे कोई लाख प्रयास कर ले, हमें एकजुट होकर ही रहना है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि हनुमान जी का चरित्र ही हमें एकता सिखाता है और सुंदरकांड का सार भी यही है।

'महाभारत' के अर्जुन भी पहुंचे आशीर्वाद लेने

कथा के दौरान प्रख्यात कलाकार अर्जुन फिरोज खान (जिन्होंने महाभारत धारावाहिक में अर्जुन का किरदार निभाया था) भी बाबा बागेश्वर का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने मंच से 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' का उद्घोष करते हुए कहा, "मैं कुंती पुत्र अर्जुन आपको प्रणाम करता हूं। जहां कृष्ण (धीरेंद्र कृष्ण) होंगे, वहां अर्जुन तो आएंगे ही।" ---

भीषण गर्मी के चलते बदला गया समय

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बढ़ते तापमान को देखते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने घोषणा की कि 22 और 23 अप्रैल को कथा दोपहर के बजाय शाम पांच बजे से शुरू होगी। उन्होंने यह भी बताया कि कथा के अंतिम दिन वह दिव्य दरबार लगाएंगे और पर्ची निकालकर भक्तों की अर्जियां सुनेंगे।

इससे पहले, 'जय त्रिवेणी जय प्रयाग आरती समिति' के बटुकों ने विधि-विधान से त्रिवेणी आरती की और डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बाबा बागेश्वर का भव्य स्वागत किया।