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August 16 2026 12:17 am

पर्वतारोहण जगत में हड़कंप: '14 पीक्स' फेम मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में लापता; 10 सदस्यों का दल गायब

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पर्वतारोहण की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी ग्लोबल क्लाइंबिंग कम्युनिटी को गहरी चिंता में डाल दिया है। नेपाल के विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही और पूर्व ब्रिटिश रॉयल मरीन निर्मल पुर्जा अपने 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय दल के साथ पाकिस्तान की खतरनाक और बर्फीली 'ब्रॉड पीक' पर आए एक भीषण हिमस्खलन के बाद से लापता हो गए हैं। इस दुखद घटना के बाद से ही उनके साथ संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे उनके जीवित होने और सुरक्षा को लेकर आशंकाओं के बादल मंडराने लगे हैं। निर्मल पुर्जा वही साहसी पर्वतारोही हैं जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची 14 चोटियों को महज 6 महीने में फतह कर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। अब उनके ही इस तरह अचानक लापता हो जाने से उनके चाहने वालों और खेल जगत में सन्नाटा पसर गया है।

काराकोरम पर्वतमाला की ब्रॉड पीक पर आया खौफनाक हिमस्खलन

पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भीषण हादसा गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे काराकोरम पर्वतमाला में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी 'ब्रॉड पीक' पर हुआ। यह चोटी समुद्र तल से लगभग 8047 मीटर की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है और अपनी भौगोलिक बनावट तथा खतरनाक ढलानों के कारण पर्वतारोहियों के लिए सबसे कठिन चुनौतियों में गिनी जाती है। गुरुवार को जब निर्मल पुर्जा का दल इस चोटी को फतह करने के मिशन पर आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक एक भयंकर हिमस्खलन ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा के बाद से ही पूरा 10 सदस्यीय दल अचानक गायब हो गया और बेस कैंप या अन्य अधिकारियों से उनका कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।

हेलिकॉप्टर से राहत और बचाव अभियान, मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

इस सनसनीखेज हादसे के सामने आने के बाद पाकिस्तानी प्रशासन और अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने फौरन आपातकालीन कदम उठाए। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार सुबह जैसे ही मौसम में थोड़ा सुधार हुआ, पाकिस्तानी अधिकारियों ने लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है। दुर्गम और बर्फीले पहाड़ों के बीच फंसे हुए दल को खोजने के लिए सेना के विशेष हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि इस बेहद कठिन और संकटपूर्ण समय में पूरा अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय एकजुट है और प्रार्थना कर रहा है। हालांकि, अधिकारियों का यह भी कहना है कि काराकोरम के इस क्षेत्र में अत्यधिक ठंड, तेज हवाएं और लगातार बदलता खराब मौसम राहत कर्मियों के सामने सबसे बड़ी बाधा साबित हो रहा है।

कौन हैं निर्मल पुर्जा? जिनके नाम दर्ज हैं कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स

लापता पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें प्यार से 'निम्सडाई' भी कहा जाता है, नेपाल के बेहद प्रतिष्ठित और साहसी पर्वतारोही हैं। उनका जीवन संघर्ष और अदम्य साहस की एक मिसाल रहा है। साल 2003 में वह ब्रिटिश सेना में शामिल हुए और साल 2009 में प्रतिष्ठित 'रॉयल मरीन' कमांडो बने। सेना से सेवानिवृत्ति लेने के बाद 2012 में जब वह पहली बार माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप पहुंचे, तो पहाड़ों के प्रति उनका ऐसा आकर्षण जागा कि उन्होंने पर्वतारोहण को ही अपना जीवन बना लिया। साल 2019 में उन्होंने एक ऐसा असंभव सा लगने वाला रिकॉर्ड बनाया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने मात्र 6 महीने और 6 दिन के भीतर दुनिया की 8000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों को फतह करके इतिहास रच दिया था। इसके अलावा उन्होंने एवरेस्ट, मकालू और ल्होत्से जैसी दुनिया की सबसे खतरनाक चोटियों को महज 48 घंटे के भीतर ही चढ़कर अपनी असाधारण क्षमता का लोहा मनवाया था। उनके इन्हीं साहसिक कारनामों पर आधारित बहुचर्चित डॉक्यूमेंट्री '14 पीक्स, नथिंग इज इंपॉसिबल' नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है, जिसे पूरी दुनिया में सराहा गया था।

अंतरराष्ट्रीय दल में अमेरिका, चीन और ओमान के नागरिक भी शामिल

पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर लापता हुए इस 10 सदस्यीय दल की विविधता इसकी वैश्विक महत्ता को दर्शाती है। प्रशासनिक रिपोर्टों के मुताबिक, इस दल में न केवल नेपाल के पर्वतारोही शामिल हैं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों के पेशेवर क्लाइंबर्स भी अपनी किस्मत आजमा रहे थे। लापता दल में कुल 10 सदस्यों में एक अमेरिकी नागरिक, एक चीनी नागरिक, एक ओमानी नागरिक और पांच नेपाली नागरिक शामिल हैं। निर्मल पुर्जा खुद इस पूरे एक्सपीडिशन का नेतृत्व कर रहे थे या इसका हिस्सा थे। इतने अलग-अलग देशों के नामचीन पर्वतारोहियों के इस तरह अचानक एक साथ लापता हो जाने से अमेरिका, चीन और ओमान जैसे देशों की सरकारों और उनके परिवारों में भी गहरी चिंता छा गई है।

ब्रॉड पीक की खतरनाक चढ़ाई और पर्वतारोहण का जोखिम

काराकोरम रेंज में स्थित 'ब्रॉड पीक' को दुनिया की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से खतरनाक चोटियों में शुमार किया जाता है। समुद्र तल से 8,047 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह चोटी अपनी चौड़ी चोटी और अत्यधिक अप्रत्याशित मौसम के लिए जानी जाती है। यहां आने वाले अचानक बर्फीले तूफान, हिमस्खलन और माइनस में जाने वाला तापमान हर साल दर्जनों पर्वतारोहियों की जान जोखिम में डाल देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज के कारण हाल के वर्षों में हिमालय और काराकोरम क्षेत्र में हिमस्खलन की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं, जिसके कारण अनुभवी से अनुभवी पर्वतारोही भी सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं।

पूरी दुनिया की सांसें थमीं, सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहा है क्लाइंबिंग कम्युनिटी

फिलहाल, पाकिस्तान के राहत एवं बचाव दल अपनी पूरी ताकत झोंककर हेलिकॉप्टरों की मदद से ब्रॉड पीक के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, वैसे-वैसे चिंताएं बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और ठंडक इंसानी शरीर के लिए घातक साबित हो सकती है। पर्वतारोहण जगत के दिग्गजों और खेल प्रेमियों की आंखें इस समय पाकिस्तान के उस हिस्से पर टिकी हैं जहां निर्मल पुर्जा और उनका दल फंसा हुआ है। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि यह महान पर्वतारोही और उसका पूरा दल सुरक्षित रूप से इस आपदा से बाहर निकल आए, क्योंकि पर्वतारोहण के इतिहास में निर्मल पुर्जा का नाम अजेय और अदम्य साहस का पर्याय बन चुका है।