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August 21 2026 08:58 pm

महिला एशिया कप 2026 में फिर फंसा पेंच: क्या मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेंगी हरमनप्रीत कौर? BCCI के सामने खड़ी हुई नई दुविधा

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दुबई में 28 अगस्त से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाले आगामी महिला एशिया कप 2026 से पहले क्रिकेट के गलियारों में एक बार फिर कूटनीतिक और प्रशासनिक तनातनी की सुगबुगाहट तेज हो गई है। टूर्नामेंट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला टीम प्रबल दावेदार के रूप में उतर रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल खेल के मैदान से बाहर ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी को लेकर खड़ा हो गया है।

एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के मौजूदा अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्य मंच पर मौजूद रहेंगे। नकवी पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री का पद भी संभाल रहे हैं। ऐसे में यदि भारतीय महिला टीम फाइनल जीतकर खिताब अपने नाम करती है, तो क्या वह नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करेगी या फिर पिछले विवाद की पुनरावृत्ति देखने को मिलेगी।

मेंस एशिया कप का अनसुलझा विवाद और पुरानी मिसाल

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें पिछले साल खेले गए पुरुष एशिया कप से जुड़ी हैं। सीमा पार तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच जब भारतीय पुरुष टीम ने टूर्नामेंट जीता था, तब टीम प्रबंधन ने मोहसिन नकवी के हाथों विजयी ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने बिना किसी औपचारिकता और हाथ मिलाए अपनी जीत दर्ज की थी।

उस वक्त मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर रवाना हो गए थे और वह ट्रॉफी आज भी एसीसी के दफ्तर में रखी हुई है। बाद में नकवी ने शर्त रखी थी कि भारतीय प्रतिनिधि उनके दफ्तर आकर ट्रॉफी ले सकते हैं। हालांकि आईसीसी बैठकों के दौरान बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और नकवी के बीच अनौपचारिक बातचीत में बर्फ पिघलने के दावे किए गए, लेकिन ट्रॉफी का औपचारिक हस्तांतरण अब तक लंबित है।

क्या हरमनप्रीत कौर की टीम अपनाएगी वही कड़ा रुख

महिला एशिया कप 2026 में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप (ग्रुप ए) में रखा गया है और दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच 5 सितंबर को हाई-वोल्टेज लीग मुकाबला होना तय है। टूर्नामेंट के फॉर्मेट के अनुसार दोनों टीमें सीधे फाइनल में भी आमने-सामने हो सकती हैं।

भारतीय महिला टीम भी हाल के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 'नो हैंडशेक' और सीमित संवाद की नीति का पालन करती आई है। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस के बीच यह चर्चा गर्म है कि क्या महिला टीम भी सूर्यकुमार यादव और पुरुष टीम के नक्शेकदम पर चलते हुए नकवी से दूरी बनाए रखेगी।

बीसीसीआई की 'वेट एंड वॉच' नीति और संभावित समाधान

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस संवेदनशील मामले पर फिलहाल सार्वजनिक रूप से पत्ते नहीं खोले हैं। बोर्ड का स्पष्ट रुख रहा है कि मैदान पर खेल नियमों के तहत होगा, लेकिन किसी भी प्रकार की अतिरिक्त औपचारिकता या राजनीतिक मंच साझा करने से बचा जाएगा।

इस कूटनीतिक असहजता से बचने के लिए एसीसी के भीतर एक वैकल्पिक फॉर्मूले पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत यदि भारत चैंपियन बनता है, तो नकवी के बजाय एशियन क्रिकेट काउंसिल का कोई तटस्थ या अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर आकर विजेता टीम को ट्रॉफी सौंप सकता है। इससे टूर्नामेंट का समापन बिना किसी बड़े विवाद के शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

आगामी टूर्नामेंट का रोमांच और सबकी निगाहें

टूर्नामेंट का आगाज 28 अगस्त से हो रहा है, जिसमें भारत अपने 8वें खिताब के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां एक ओर हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के प्रदर्शन पर होंगी, वहीं दूसरी ओर 13 सितंबर को होने वाले फाइनल के बाद पोडियम पर बनने वाले समीकरणों को लेकर भी उत्सुकता चरम पर है।