सिर्फ 1 रन से चूके जो रूट: 49.99 पर अटका टेस्ट औसत, विराट कोहली के बाद इस महा-क्लब में शामिल होने वाले बनते दुनिया के दूसरे बल्लेबाज
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के महारथी जो रूट (Joe Root) एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े थे, लेकिन किस्मत ने ऐन वक्त पर ऐसा मोड़ लिया कि वे महज एक रन के फासले से एक बहुत बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड क्लब में शामिल होने से चूक गए। टेस्ट क्रिकेट में लगातार रनों का अंबार लगाने वाले जो रूट का करियर बैटिंग एवरेज (Test Batting Average) 50 के जादुई आंकड़े को छूने ही वाला था, लेकिन वे ठीक 49.99 के औसत पर अटक गए। यदि रूट अपनी पिछली पारी में सिर्फ 1 रन और बना लेते, तो वे भारतीय दिग्गज विराट कोहली (Virat Kohli) के बाद आधुनिक क्रिकेट के इस सबसे प्रतिष्ठित और दुर्लभ क्लब में शामिल होने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन जाते।
महज 1 रन का फासला और 49.99 पर थमा औसत का पहिया
क्रिकेट के आंकड़ों में 50 का टेस्ट औसत किसी भी बल्लेबाज के लिए महानता का पैमाना माना जाता है, खासकर तब जब वह खिलाड़ी 100 से अधिक टेस्ट मैच और 12,000 से ज्यादा रन बना चुका हो। जो रूट जिस निरंतरता के साथ खेल रहे थे, उनका करियर औसत 50 के पार पहुंचने के बेहद करीब था। मैच की महत्वपूर्ण पारी में जब वे क्रीज पर थे, तो 50.00 का करियर औसत छूने के लिए उन्हें निश्चित रनों की दरकार थी। लेकिन जैसे ही वे आउट हुए, पूरे करियर का गणना चार्ट 49.99 पर जाकर रुक गया। यह दशमलव का मामूली अंतर उन्हें विराट कोहली के उस एलीट क्लब में सीधे प्रवेश करने से रोक गया, जिसका इंतजार पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस कर रहे थे।
विराट कोहली के बाद बनते ऐसा कारनामा करने वाले दूसरे बल्लेबाज
आधुनिक क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट या 10,000 से अधिक टेस्ट रनों के साथ 50+ का बल्लेबाजी औसत बनाए रखना असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) और भारी रनों के दबाव के बीच भी 50 से अधिक का औसत बरकरार रखकर इतिहास रचा था। विराट कोहली के बाद 'फैब-4' (Fab Four) और समकालीन बल्लेबाजों में जो रूट एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो इतने विशाल रनों के आंकड़े (12,000+ टेस्ट रन) के बावजूद 50 के औसत को छूने के मुहाने पर खड़े हैं। 1 रन की कमी के कारण वे कोहली के ठीक पीछे इस विशिष्ट क्लब में अपनी जगह पक्की करने से चूक गए।
फैब-4 में जो रूट की अद्वितीय निरंतरता और रनों की भूख
भले ही जो रूट तकनीकी रूप से 49.99 के औसत पर रह गए हों, लेकिन पिछले चार वर्षों में उनका फॉर्म किसी भी अन्य बल्लेबाज से कहीं आगे रहा है। साल 2021 के बाद से जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, सबसे ज्यादा शतक और सबसे ज्यादा मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। स्टीव स्मिथ (Steve Smith), केन विलियमसन (Kane Williamson) और विराट कोहली की तुलना में जो रूट ने लगातार टेस्ट मैच खेले हैं और उपमहाद्वीप की टर्निंग पिचों से लेकर सेना (SENA) देशों की तेज और उछाल भरी पिचों तक अपने बल्ले की धाक जमाई है।
सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की तरफ बढ़ते कदम
जो रूट की नजरें केवल औसत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक 15,921 टेस्ट रनों के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में सबसे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। रूट जिस फिटनेस और समर्पण के साथ खेल रहे हैं, विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले मुकाबलों में वे न केवल 50 के औसत के आंकड़े को दोबारा आसानी से पार कर लेंगे, बल्कि टेस्ट इतिहास के कई और अमर कीर्तिमान भी अपने नाम दर्ज कर लेंगे।