June 27 2026 08:06 am

बंगाल चुनाव में 'अपराजिता' पर आर-पार: अभिषेक बनर्जी की BJP प्रत्याशी से भावुक अपील, PM मोदी से मांगा यह साथ

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तपिश के बीच पनिहाटी की चुनावी जंग अब एक बेहद भावुक और राजनीतिक मोड़ पर आ गई है। टीएमसी के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पनिहाटी से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ (आरजी कर पीड़िता की मां) से एक खास अपील की। अभिषेक ने चुनावी मंच से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए रत्ना देबनाथ से अनुरोध किया कि वह अपनी ही पार्टी की सरकार से 'अपराजिता विधेयक' को कानून बनाने के लिए गुहार लगाएं।

राष्ट्रपति के पास अटका है फांसी वाला विधेयक

अभिषेक बनर्जी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आरजी कर कांड जैसी जघन्य वारदातों को रोकने के लिए बंगाल सरकार ने 'अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक' पारित किया था। इस विधेयक में बलात्कार के दोषियों को महज 21 दिनों में जांच पूरी कर 50 दिनों के भीतर फांसी की सजा दिलाने का कड़ा प्रावधान है। अभिषेक ने सवाल उठाया कि जब बंगाल विधानसभा इसे सितंबर 2024 में ही पास कर चुकी है, तो यह अभी तक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए क्यों लंबित है? उन्होंने भाजपा प्रत्याशी से कहा कि वे पीएम मोदी से बात कर इसे जल्द से जल्द कानून बनवाएं ताकि भविष्य में किसी और बेटी के साथ ऐसा न हो।

BNS बनाम अपराजिता: सजा पर क्यों छिड़ी है जंग?

यह विधेयक केंद्र और राज्य के बीच टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बलात्कार के लिए न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है। वहीं, बंगाल का 'अपराजिता विधेयक' सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास या सीधे मृत्युदंड (फांसी) करने की वकालत करता है। अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि भाजपा शासित केंद्र सरकार इस सख्त कानून को लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "दोषियों को माला पहनाने वाली पार्टी कभी न्याय नहीं दिला सकती।"

न्याय बनाम राजनीति: अभिषेक ने याद दिलाई 48 घंटे की कार्रवाई

आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि ममता सरकार ने घटना के 48 घंटों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बंगाल के लोग न्याय के लिए एकजुट थे, तब भाजपा ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताने के बजाय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर मामले का राजनीतिकरण किया। हालांकि, उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे रत्ना देबनाथ पर कोई भी व्यक्तिगत हमला न करें।

भवानीपुर में महामुकाबला: ममता बनाम शुभेंदु

बंगाल की राजनीति का केंद्र इस बार भवानीपुर विधानसभा सीट बनी हुई है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। इसे 2021 के नंदीग्राम चुनाव के 'रीमैच' के तौर पर देखा जा रहा है। ममता बनर्जी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को आगाह किया कि यह चुनाव लोकतंत्र को बचाने का उत्सव है, न कि तानाशाही थोपने का। उन्होंने भाजपा पर मतदाता सूची से नाम हटाने और धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करने का भी गंभीर आरोप लगाया है।