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August 25 2026 01:18 pm

गुजरात चुनाव से पहले AAP की बढ़ी मुश्किलें: दिल्ली से सूरत पहुंचा 1.2 करोड़ का 'हवाला' कैश

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India News Live,Digital Desk : गुजरात के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में जीत का परचम लहराने की कोशिशों में जुटी आम आदमी पार्टी (AAP) एक बड़े विवाद में फंसती नजर आ रही है। गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया है कि दिल्ली से हवाला के जरिए 1.2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सूरत भेजी गई थी। पुलिस का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जाना था। इस मामले में पुलिस ने 'आप' के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े पदाधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

दिल्ली के कारोबारी और आप कार्यकर्ताओं का कनेक्शन

क्राइम ब्रान्च और उमरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सामने आया है कि दिल्ली के कारोबारी हिमांशु पाहूजा ने यह मोटी रकम सूरत भेजी थी। पुलिस के मुताबिक, सूरत में इस कैश को रिसीव करने की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आकाश मिश्रा और अजय तिवारी को सौंपी गई थी। डीसीपी (क्राइम) भावेश रोजिया ने मीडिया को बताया कि पुलिस को इस संदिग्ध लेनदेन की गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके बाद जाल बिछाकर इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया।

CCTV फुटेज में नोट गिनते दिखे आरोपी

पुलिस के पास इस मामले में पुख्ता सबूत होने का दावा किया जा रहा है। क्राइम ब्रांच ने स्थानीय 'अंगड़िया' (पारंपरिक कूरियर सेवा) के दफ्तर से सीसीटीवी फुटेज जब्त किए हैं। इस फुटेज में कथित तौर पर कुछ लोग बड़ी मात्रा में नकदी गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह पैसा दिल्ली के बड़े नेताओं के निर्देश पर भेजा गया था। फिलहाल, इस पूरे नेटवर्क में करीब 10 और लोग पुलिस के रडार पर हैं, जो संदिग्ध भूमिका निभा रहे थे।

सत्येंद्र जैन के पूर्व PA और सुरेंद्र भारद्वाज का नाम आया सामने

जांच में जो नाम सामने आए हैं, वे राजनीतिक गलियारों में खलबली मचाने वाले हैं। पुलिस ने हिमांशु पाहूजा को आप नेता सुरेंद्र भारद्वाज का करीबी बताया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आकाश मिश्रा को दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन का पूर्व पीए बताया जा रहा है। वहीं, अजय तिवारी पर आरोप है कि वह अवैध फंड के प्रबंधन और वितरण में मिश्रा की मदद कर रहा था। पुलिस का दावा है कि ये दोनों केवल पैसे लेने वाले नहीं थे, बल्कि सूरत में पार्टी की गतिविधियों के मुख्य रणनीतिकार भी हैं।

इनकम टैक्स की एंट्री और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (आयकर विभाग) को भी इस पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी है। पुलिस को शक है कि चुनाव के दौरान काले धन को खपाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा है। डीसीपी ने साफ किया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी संभव है। दूसरी ओर, इस गंभीर आरोप पर अभी तक आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया नहीं आई है।