यूपी की ODOC योजना को हरी झंडी, योगी कैबिनेट ने 'एक जिला-एक व्यंजन' पर लगाई मुहर
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के पारंपरिक स्वादों को सात समंदर पार तक पहुँचाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (MSME) विभाग की 'एक जिला-एक व्यंजन' (ODOC) योजना के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। प्रदेश की बेहद सफल 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) योजना की तर्ज पर अब राज्य के सभी 75 जिलों के खास व्यंजनों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि इस पहल से न केवल स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में रोजगार के अपार अवसर भी सृजित होंगे।
केवल शाकाहारी व्यंजनों को मिली जगह, कबाब-बिरयानी सूची से बाहर
इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे चर्चा वाली बात इसकी लिस्टिंग है। सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए व्यंजनों का चयन तो किया है, लेकिन इस सूची में पूरी तरह से शाकाहारी व्यंजनों का ही बोलबाला है। चौकाने वाली बात यह है कि लखनऊ के विश्व प्रसिद्ध गलावटी कबाब, अवधी बिरयानी, निहारी कुलचा और काकोरी कबाब को इस लिस्ट में जगह नहीं मिली है। इसी तरह जायके के लिए मशहूर मुरादाबादी बिरयानी भी सरकारी सूची से नदारद है। सरकार का मुख्य फोकस उन पारंपरिक मिठाइयों और स्नैक्स पर है जिनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके और जिन्हें आसानी से एक्सपोर्ट किया जा सके।
उद्यमियों को ₹20 लाख तक की भारी सब्सिडी और ₹150 करोड़ का बजट
सरकार ने इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए ₹150 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया है। योजना के तहत खाद्य कारोबार से जुड़े स्थानीय कारीगरों और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹20 लाख रुपये तय की गई है। इस धनराशि का उपयोग उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक पैकेजिंग तकनीक अपनाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'शेल्फ लाइफ' बढ़ाने में किया जाएगा। आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और जौनपुर की मशहूर इमरती जैसे उत्पादों को अब नए कलेवर में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।
किस मंडल के कौन से जायके को मिली लिस्ट में जगह?
सरकार ने मंडलवार व्यंजनों की एक विस्तृत सूची जारी की है। इसमें आगरा मंडल से पेठा, दलमोठ, गजक और सोहन पापड़ी को चुना गया है, तो अलीगढ़ मंडल से डेयरी उत्पाद और कचौड़ी को जगह मिली है। अयोध्या की कुल्हड़ वाली दही-जलेबी और बाराबंकी की चन्द्रकला मिठाई अपनी मिठास बिखेरेंगी। गोरखपुर मंडल से लिट्टी-चोखा और देवरिया का मालपुआ शामिल है। वहीं, वाराणसी के बनारसी पान के साथ तिरंगा बर्फी, लौंग लता और मलइयो को वैश्विक ब्रांड बनाया जाएगा। लखनऊ मंडल में मक्खन मलाई, रेवड़ी और चाट के साथ-साथ उन्नाव के काला जामुन को विशेष स्थान मिला है।
जौनपुर का 'एटम बॉम्ब' और एनसीआर के बेकरी प्रोडक्ट्स भी शामिल
योजना में कुछ अनूठे स्वादों को भी शामिल किया गया है। जौनपुर की प्रसिद्ध मूली के साथ-साथ वहां के 'मीठा एटम बॉम्ब' को भी पहचान दी जाएगी। गाजियाबाद मंडल से सोया चाप और मिर्ची के अचार को चुना गया है, जबकि गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) मंडल से केक और बेकरी आइटम्स को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रयागराज की सब्जी-कचौड़ी और प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों को भी इस लिस्ट में मजबूती से रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से यूपी का 'फूड टूरिज्म' भी तेजी से विकसित होगा।