ऑस्ट्रेलिया में जो कारनामा अश्विन और मुरलीधरन नहीं कर सके, वो बांग्लादेशी गेंदबाज ने कर दिखाया
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जाकर शानदार प्रदर्शन करना दुनिया के किसी भी गेंदबाज के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण काम माना जाता है। खासकर एशियाई उपमहाद्वीप से आने वाले गेंदबाजों के लिए ऑस्ट्रेलिया की उछालभरी और तेज पिचों पर तालमेल बिठाना हमेशा एक कठिन परीक्षा रही है। क्रिकेट इतिहास के दो सबसे महान स्पिनर—भारत के रविचंद्रन अश्विन और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन, जिन्होंने मिलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1300 से अधिक टेस्ट विकेट चटकाए हैं, वे भी ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट मैच की एक पारी में 6 विकेट लेने का कारनामा अपने पूरे करियर में कभी नहीं कर पाए। लेकिन बांग्लादेश के 26 वर्षीय दाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज हसन महमूद ने वह कर दिखाया है, जो इन दिग्गजों के लिए भी एक सपना बना रहा।
डार्विन के मारारा क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के शुरुआती ही दिन हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी आक्रमण को तहस-नहस करते हुए 55 रन देकर 6 विकेट झटके। इस अविश्वसनीय गेंदबाजी स्पेल के दम पर उन्होंने न केवल विश्व टेस्ट चैम्पियन (WTC) ऑस्ट्रेलिया को महज 198 रनों पर समेट दिया, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई धरती पर एक टेस्ट पारी में 6 विकेट लेने वाले एशियाई गेंदबाजों की उस बेहद खास सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया जहाँ अश्विन और मुरलीधरन जैसे दिग्गज भी नहीं पहुँच सके थे।
डार्विन में हसन महमूद का खौफनाक स्पेल और कंगारू बल्लेबाजों की बेबसी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को लग रहा था कि वे डार्विन की पिच पर बांग्लादेशी गेंदबाजों पर आसानी से हावी हो जाएंगे। लेकिन हसन महमूद ने खेल के शुरुआती घंटे में ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। उन्होंने अपनी लहराती हुई आउटस्विंगर और सटीक सीम मूवमेंट से ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाजों को लगातार छकाया। हसन ने सबसे पहले सेट हो चुके सलामी बल्लेबाज जेक वेदराल्ड को 23 रन के योग पर पवेलियन का रास्ता दिखाया।
इसके ठीक अगले ही ओवर में हसन महमूद ने जो गेंद डाली, वह इस टेस्ट मैच की सबसे बेहतरीन गेंदों में से एक मानी जाएगी। उन्होंने खतरनाक फॉर्म में चल रहे ट्रेविस हेड को अपनी स्विंग से पूरी तरह चकमा देते हुए क्लीन बोल्ड कर दिया। इस दोहरे झटके से ऑस्ट्रेलियाई टीम उबर भी नहीं पाई थी कि लंच और टी-ब्रेक के बाद हसन ने अपनी धारदार गेंदबाजी का दूसरा दौर शुरू किया। उन्होंने एलेक्स कैरी (19), ब्यू वेबस्टर (12), पैट कमिंस (9) और क्रीज पर खूंटा गाड़कर खड़े स्टीव स्मिथ (71) का विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को 198 रनों पर ही समेट दिया।
अश्विन और मुरलीधरन जैसे महान गेंदबाज क्यों रह गए थे ऑस्ट्रेलिया में पीछे?
रविचंद्रन अश्विन और मुथैया मुरलीधरन की गिनती क्रिकेट इतिहास के सबसे महान गेंदबाजों में होती है। अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में 500 से अधिक विकेट लिए हैं और मुरलीधरन 800 टेस्ट विकेटों के साथ सर्वकालिक शीर्ष पर हैं। हालाँकि, जब बात ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर एक टेस्ट पारी में 6 या उससे ज्यादा विकेट लेने की आती है, तो ये दोनों दिग्गज इस आंकड़े से हमेशा चूक गए।
रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया में कई यादगार स्पेल डाले और मैच जिताए, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ पारी प्रदर्शन 4/55 या 4/62 ही रहा। वे कभी भी ऑस्ट्रेलिया में 5 या 6 विकेट हॉल का विशाल आंकड़ा पार नहीं कर सके। वहीं दूसरी ओर, टेस्ट क्रिकेट के सम्राट मुथैया मुरलीधरन का रिकॉर्ड भी ऑस्ट्रेलिया में बेहद साधारण रहा; वे ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपने पूरे करियर में एक बार भी 5 विकेट नहीं ले सके और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/55 रहा।
ऑस्ट्रेलियाई पिचों की अतिरिक्त उछाल और तेज आउटफील्ड के कारण स्पिनरों या उपमहाद्वीप के गेंदबाजों को वहाँ शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन हसन महमूद ने एक तेज गेंदबाज के तौर पर जिस तरह से अपनी सीम पोजिशन का इस्तेमाल किया और ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में लेंथ को सटीक रखा, उसने उन्हें इस सर्वकालिक रिकॉर्ड बुक में दिग्गजों से भी ऊपर खड़ा कर दिया है।
198 रनों पर ढही विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया: बांग्लादेश के खिलाफ सबसे कम स्कोर
हसन महमूद की अगुवाई में बांग्लादेशी पेस अटैक—जिसमें तस्कीन अहमद और इबादत हुसैन भी शामिल थे—ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को उनकी ही सरजमीं पर इस तरह बैकफुट पर धकेल दिया कि कंगारू टीम टेस्ट इतिहास में बांग्लादेश के खिलाफ अपने सबसे न्यूनतम स्कोर पर ऑलआउट हो गई। 198 रनों का यह स्कोर 2017 में मीरपुर में बने 217 रनों के रिकॉर्ड से भी कम है।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से केवल पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ ही ऐसे बल्लेबाज रहे जो बांग्लादेशी पेस अटैक के सामने टिककर खेल सके। स्मिथ ने 109 गेंदों में 71 रनों की संयमित पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी भी अन्य बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। मार्नस लाबुशेन (1 रन) और कैमरन ग्रीन (13 रन) जैसे बड़े नाम पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। हसन महमूद के 6/55 के अलावा तस्कीन अहमद और इबादत हुसैन ने 2-2 विकेट हासिल करके मेजबान टीम की कमर तोड़ दी।
बांग्लादेशी क्रिकेट का स्वर्णिम दिन और डार्विन टेस्ट पर मजबूत पकड़
ऑस्ट्रेलिया को 198 रनों के मामूली स्कोर पर ढेर करने के बाद बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने भी पहले दिन कमाल का जज्बा दिखाया। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने 1 विकेट के नुकसान पर 96 रन बना लिए हैं और वे ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर से केवल 102 रन पीछे हैं। तंजिद हसन (32*) और मोमिनुल हक (35*) क्रीज पर डटे हुए हैं।
साल 2003 के बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली बार टेस्ट खेल रही बांग्लादेशी टीम के लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया है। हसन महमूद द्वारा स्थापित किया गया यह वर्ल्ड रिकॉर्ड केवल उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी सबूत है कि एशियाई तेज गेंदबाजी अब दुनिया के किसी भी कोने में जाकर मेजबान टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकती है। डार्विन टेस्ट के पहले ही दिन मिली इस विशाल बढ़त ने बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज करने का स्वर्णिम अवसर दे दिया है।