UP Cabinet : नंदी ने दी 2000 नौकरियों वाले प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, CM फेलोशिप के लिए मिलेंगे 50 हजार प्रतिमाह
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर' इकोनॉमी बनाने की दिशा में योगी सरकार ने सोमवार को दो बड़े कदम उठाए हैं। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने जहाँ एक ओर प्रदेश के पांच जिलों में भारी निवेश और रोजगार के प्रस्तावों को मंजूरी दी, वहीं कैबिनेट ने युवाओं के लिए आकर्षक 'मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' (OTD CM Fellow) पर भी मुहर लगा दी है। इन फैसलों से न केवल प्रदेश में विनिर्माण (Manufacturing) को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
बरेली से कानपुर तक लगेंगे उद्योग, 2000 युवाओं को मिलेगा काम
इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री नंदी ने 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' (LoC) से जुड़े आवेदनों की समीक्षा की। इस दौरान बरेली, फिरोजाबाद, वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर और कानपुर देहात में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की सिफारिश की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्टील व आयरन कास्टिंग, मेडिकल डिवाइस, ईवी चार्जर्स और सोलर स्ट्रक्चर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में काम शुरू होगा। अनुमान है कि इन प्रोजेक्ट्स से सीधे तौर पर 2000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम: हर जिले में तैनात होंगे 'OTD फेलो'
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कैबिनेट ने 'वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' को मंजूरी दी है। इसके तहत हर जिले में दो फेलो तैनात किए जाएंगे— एक आर्थिक विकास के लिए और दूसरा डेटा विश्लेषण के लिए। ये फेलो जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित ओटीडी सेल की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे और कृषि, उद्योग, पर्यटन व निवेश जैसे प्रमुख क्षेत्रों की प्रगति की वैज्ञानिक समीक्षा करेंगे।
50 हजार सैलरी और लैपटॉप: जानें क्या है पात्रता और चयन प्रक्रिया
इस फेलोशिप कार्यक्रम के लिए सरकार ने बेहद आकर्षक सुविधाएं तय की हैं। चयनित फेलो को 50,000 रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक के साथ लैपटॉप, यात्रा भत्ता और रहने की सुविधा दी जाएगी।
पात्रता: संबंधित विषयों में परास्नातक (Post Graduation) और अधिकतम आयु 40 वर्ष।
चयन प्रक्रिया: स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) लिखित परीक्षा (50 अंक), अधिमानी अर्हता (30 अंक) और साक्षात्कार (20 अंक) के आधार पर चयन करेगा।
कार्यकाल: प्रारंभिक रूप से एक वर्ष (प्रदर्शन के आधार पर विस्तार संभव)।
डेटा और डैशबोर्ड से होगी जिलों की मॉनिटरिंग
मंत्री नंदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश के सभी आवेदनों का निस्तारण त्वरित और पारदर्शी तरीके से हो। वहीं, नियोजन विभाग एक विशेष डैशबोर्ड विकसित करेगा जिसके माध्यम से इन फेलो द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। यह कदम जिला घरेलू उत्पाद (DDP) को बढ़ाने और जमीनी स्तर पर आर्थिक सुधारों को लागू करने में मील का पत्थर साबित होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।