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October 15 2026 03:33 am

ईरान पर ट्रंप के परमाणु हमले की तुलना हिरोशिमा से, मचा वैश्विक बवाल

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India News Live,Digital Desk : अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंकाते हुए दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निर्णायक हमला किया है। उन्होंने बताया कि 22 जून की सुबह अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों—नतांज, इस्फहान और होर्डो—पर बमबारी की, जिससे ईरान का परमाणु हथियार विकसित करने का सपना अधूरा रह गया।

ईरान ने हमले की पुष्टि तो की, लेकिन उसने यह भी साफ कर दिया कि उसके परमाणु संयंत्र पूरी तरह तबाह नहीं हुए हैं। नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन संयंत्रों का बुनियादी ढांचा अब भी किसी हद तक सुरक्षित है।

विवाद को और गहरा करते हुए ट्रंप ने नाटो सम्मेलन में इस हमले की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के जापानी शहरों—हिरोशिमा और नागासाकी—पर हुए परमाणु हमलों से कर दी। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मैं हिरोशिमा या नागासाकी का उदाहरण दूं, लेकिन इस हमले के बाद ही युद्ध खत्म हुआ।”

इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है। कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने ट्रंप की इस तुलना को ‘असंवेदनशील’ और ‘मानवता के खिलाफ’ करार दिया है।

इस बीच अमेरिकी सेना के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ डैन केन ने जानकारी दी कि हमलों से ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि नुकसान का पूरा आकलन करने में अभी वक्त लगेगा।

ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिकी रक्षा एजेंसियों को अब तक ईरान की क्षति का पूरी तरह से अंदाजा नहीं है। इस हमले के प्रभाव का पूरा मूल्यांकन इजरायली एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही किया जा सकेगा।

इतिहास में जिस तरह द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में परमाणु हमलों ने जापान को झुकने पर मजबूर किया था, ट्रंप उसी रणनीति की मिसाल आज के दौर में दे रहे हैं—यह सोच कर सिहरन होती है कि क्या दुनिया फिर से किसी वैश्विक तबाही की ओर बढ़ रही है?