हरियाली अमावस्या पर लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, कर्क राशि में हलचल से इन 3 राशियों की खुलेगी लॉटरी

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Surya Grahan 2026: सोशल मीडिया और इंटरनेट पर हर महीने आने वाली अमावस्या को लेकर सूर्य ग्रहण के कई दावे किए जाते हैं। इन दिनों 15 जून को आ रही सोमवती अमावस्या पर भी ग्रहण को लेकर अफवाहें गर्म हैं। लेकिन पाठकों को बता दें कि जून के महीने में कोई सूर्य ग्रहण नहीं लग रहा है। इस साल यानी 2026 में कुल दो सूर्य ग्रहण का योग था, जिसमें से पहला फरवरी 2026 में लग चुका है।

अब साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को सावन महीने की हरियाली अमावस्या के पावन दिन लगने जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कर्क राशि में लगने जा रहा यह ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस ग्रहण का सही समय, सूतक काल के नियम और किन राशियों पर इसका सबसे शुभ असर होने वाला है।

भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानें सूतक काल का सच

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कोई भी ग्रहण तभी प्रभावी माना जाता है जब वह खुली आंखों से आपके क्षेत्र में दिखाई दे। 12 अगस्त को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में दिखाई न देने के कारण यहाँ इसका धार्मिक महत्व और सूतक काल मान्य (Valid) नहीं होगा। इसलिए देश में किसी भी तरह के पूजा-पाठ या शुभ कार्यों पर पाबंदी नहीं रहेगी और न ही मंदिरों के कपाट बंद होंगे।

नोट कर लें साल के दूसरे सूर्य ग्रहण की सही तारीख और समय

यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा। भारतीय समयानुसार (IST) इस ग्रहण का समय कुछ इस प्रकार रहेगा:

ग्रहण की शुरुआत: 12 अगस्त 2026 की रात को करीब 09 बजकर 04 मिनट से होगी।

ग्रहण का समापन: अगले दिन यानी 13 अगस्त 2026 की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर होगा।

असर क्यों नहीं: चूंकि ग्रहण के समय भारत में पूरी तरह रात होगी और सूर्य देव दृश्यमान नहीं होंगे, इसलिए देश में इसका कोई भौतिक या सूतक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

ज्योतिष के नजरिए से क्यों खास है कर्क राशि का यह ग्रहण?

भले ही भारत में यह ग्रहण न दिखे, लेकिन अंतरिक्ष में होने वाली इस खगोलीय घटना का असर राशियों पर जरूर पड़ता है। यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लगने जा रहा है। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो हमारे मन और भावनाओं के कारक माने जाते हैं। ऐसे में लोगों के स्वभाव और मानसिक स्थिति में थोड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि इस समय कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) विराजमान हैं। गुरु ग्रह कर्क राशि में 'उच्च' के होते हैं, यानी वे यहां सबसे ज्यादा शक्तिशाली और शुभ फल देने वाले होते हैं। गुरु की मौजूदगी के कारण यह ग्रहण नुकसान पहुंचाने के बजाय कई राशियों के लिए सुनहरे अवसर लेकर आ रहा है।

इन 3 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ, करियर में होगी तरक्की

1. मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण कार्यक्षेत्र (Office) में बड़ी सफलता के योग बना रहा है। ऑफिस का माहौल आपके पक्ष में रहेगा और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। सीनियर्स आपकी मेहनत को नोटिस करेंगे, जिसके चलते आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट सौंपा जा सकता है। आर्थिक लाभ की भी प्रबल संभावनाएं हैं।

2. कर्क राशि (Cancer)

चूंकि ग्रहण आपकी ही राशि में लग रहा है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा असर आप पर दिखेगा। देवगुरु के प्रभाव से आपके भीतर लीडरशिप क्वालिटी (नेतृत्व क्षमता) निखर कर सामने आएगी। लव लाइफ के मामले में समय बेहद शानदार है। आपका पार्टनर आपके प्रति अधिक समर्पित रहेगा और आप दोनों के बीच का इमोशनल बॉन्ड पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा।

3. कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय सही और सटीक फैसले लेने का है। इस अवधि में आप जो भी निर्णय लेंगे, वे भविष्य में सही साबित होंगे और मुनाफा देंगे। प्रेम संबंधों के लिए यह समय बेहद खास रहेगा। आप पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं, जिससे रिश्तों में नयापन और मधुरता आएगी।

ग्रहण के बाद जरूर करें इन चीजों का दान, दूर होंगे दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के प्रभाव को पूरी तरह सकारात्मक बनाने और पुण्य फल कमाने के लिए ग्रहण के अगले दिन सुबह कुछ विशेष उपाय और दान करना चाहिए:

सफेद चीजों का दान: ग्रहण के बाद चीनी, दूध, चावल या दही जैसी सफेद वस्तुओं का दान किसी जरूरतमंद को करें।

शर्बत का दान: चूंकि सावन का महीना होगा, इसलिए राहगीरों या प्यासों को मीठे शर्बत का दान करना अत्यंत शुभ फल देगा।

भगवान की आराधना: ग्रहण के बाद सुबह स्नान करके भगवान विष्णु और प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की कपूर जलाकर आरती करें और उनके मंत्रों का जाप करें।