Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर, DMK ने AIADMK के पुराने साथी को साथ जोड़ा; चुनाव से पहले विपक्ष को लगा तगड़ा झटका

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India News Live,Digital Desk : तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक बहुत बड़ी हलचल देखने को मिली है। राज्य की सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने विपक्षी खेमे में बड़ी सेंधमारी करते हुए देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) को अपने पाले में कर लिया है। दिवंगत अभिनेता-राजनेता 'कैप्टन' विजयकांत द्वारा स्थापित पार्टी DMDK ने आगामी चुनावों के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले गठबंधन (SPA) के साथ हाथ मिला लिया है। यह गठबंधन न केवल भाजपा और एआईएडीएमके के लिए एक झटका है, बल्कि राज्य के चुनावी समीकरणों को भी पूरी तरह बदलने वाला साबित हो सकता है।

चेन्नई में हुई मुलाकात और गठबंधन पर मुहर

गुरुवार की सुबह चेन्नई में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आवास पर DMDK प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर गठबंधन की आधिकारिक घोषणा की। प्रेमलता ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "आइए हम गवर्नेंस के द्रविड़ मॉडल को जारी रखने और तमिलनाडु की प्रगति के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें।" उन्होंने विश्वास जताया कि यह गठबंधन विधानसभा की 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगा। सीटों के बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला जल्द ही घोषित किया जाएगा।

विजयकांत की विरासत और DMK की रणनीति

यह पहली बार है जब DMDK, डीएमके के साथ गठबंधन कर रही है। इससे पहले यह पार्टी मुख्य रूप से एआईएडीएमके के साथ जुड़ी रही थी। मुख्यमंत्री स्टालिन ने 'कैप्टन' विजयकांत को श्रद्धांजलि देते हुए प्रेमलता का स्वागत किया। प्रेमलता ने भावुक होते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता हमेशा से यही चाहते थे और यह गठबंधन तब बन जाना चाहिए था जब उनके पति जीवित थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजयकांत के निधन के बाद उपजी सहानुभूति और ग्रामीण इलाकों में उनकी लोकप्रियता का फायदा अब सीधे तौर पर डीएमके को मिल सकता है।

मध्य तमिलनाडु में DMDK का मजबूत दबदबा

भले ही पिछले दो चुनावों (2016 और 2021) में DMDK को कोई सीट न मिली हो, लेकिन मध्य तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली, पुदुक्कोट्टई, विरुधाचलम और कल्लाकुरिची जैसे जिलों में पार्टी का एक समर्पित वोट बैंक है। 2011 के चुनाव में इस पार्टी ने 29 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल होने का गौरव हासिल किया था। डीएमके को उम्मीद है कि DMDK के साथ आने से उसे ग्रामीण और दलित बाहुल्य क्षेत्रों में एआईएडीएमके और भाजपा के खिलाफ मजबूती मिलेगी।

विपक्ष ने साधा निशाना, बताया 'अनैतिक'

विपक्ष ने इस गठबंधन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एआईएडीएमके (AIADMK) के वरिष्ठ नेताओं ने इसे अनैतिक बताया है। पूर्व विधायक एस सेम्मालाई ने कहा कि विजयकांत ने अपना पूरा जीवन द्रविड़ दलों की कमियों को उजागर करने में बिताया, ऐसे में उनकी आत्मा इस फैसले को कभी माफ नहीं करेगी। वहीं, भाजपा ने भी इसे सत्तारूढ़ दल की घबराहट का परिणाम बताया है।