CRPF Firing News: सीआरपीएफ कैंप में खूनी संघर्ष, अधिकारी ने दो साथियों को गोलियों से भूना; खुद भी उठाया खौफनाक कदम
देश के आंतरिक सुरक्षा बलों से जुड़ी एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक शिविर में आपसी विवाद के चलते खूनी संघर्ष हो गया। इस दर्दनाक घटना में एक अधिकारी ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर गोलियां बरसा दीं, जिससे दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। इस गोलीबारी की घटना के बाद पूरे कैंप में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
कैसे हुई पूरी घटना?
प्राप्त शुरुआती जानकारियों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान किसी बात को लेकर सीआरपीएफ के अधिकारी और उसके सहकर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर अधिकारी ने अपनी सर्विस राइफल (INSAS या AK-47) से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इस अप्रत्याशित हमले में दो जवानों को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद अन्य जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए कैंप को अपने कब्जे में लिया और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
हमलावर अधिकारी द्वारा उठाया गया खौफनाक कदम
साथियों पर गोलियां बरसाने के बाद आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का खौफनाक कदम उठाया। इस दुखद घटना में हमलावर अधिकारी की भी मौत की पुष्टि की जा रही है। एक साथ तीन लोगों की जान जाने से सुरक्षा बल के भीतर शोक की लहर दौड़ गई है।
| घटना का पहलू | विवरण |
|---|---|
| बल का नाम | केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) |
| घटना का स्वरूप | आपसी विवाद के बाद फायरिंग (Fratricide) |
| हताहत | दो जवानों की मौत, आरोपी अधिकारी की भी जान गई |
| मौजूदा स्थिति | उच्च स्तरीय जांच के आदेश, कैंप में सुरक्षा बढ़ाई गई |
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गए। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बल मुख्यालय की ओर से इस पूरे मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किन परिस्थितियों और मानसिक तनाव के चलते इस खूनी संघर्ष को अंजाम दिया गया। सुरक्षा बलों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग सत्रों को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।