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August 20 2026 06:14 pm

न्यूयॉर्क से मुंबई तक सोने की कीमतों में अचानक जोरदार उछाल, MCX पर गोल्ड ₹1,58,521 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा

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अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी आर्थिक नीतियों में आए अप्रत्याशित मोड़ के चलते न्यूयॉर्क से लेकर मुंबई तक बुलियन मार्केट में जोरदार लिवाली शुरू हो गई है। मुंबई स्थित मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव तेजी के साथ ₹1,58,521 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि MCX पर चांदी भी 1.29% की छलांग लगाकर ₹2,39,850 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

अमेरिकी गोल्ड की कीमतें भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो महीने से ज्यादा के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं।

न्यूयॉर्क में स्पॉट गोल्ड 3.6% चढ़ा, 4,499 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा

वैश्विक बाजार में आई इस अप्रत्याशित तेजी ने सभी तकनीकी रजिस्टेंस स्तरों को तोड़ दिया है:

स्पॉट गोल्ड में जोरदार छलांग: न्यूयॉर्क में स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) 3.6% चढ़कर 4,487.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। दिन के कारोबार के दौरान यह 4,499.20 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक गया, जो बीते दो महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।

अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में बढ़त: यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में 2.8% का उछाल दर्ज किया गया और यह 4,545.30 डॉलर प्रति औंस के भाव पर बंद हुआ।

100-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर: तकनीकी चार्ट पर स्पॉट गोल्ड अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज (लगभग $4,381) के पार निकल गया है, जिसे बाजार के विश्लेषक एक अत्यंत मजबूत तेजी (Bullish) का संकेत मान रहे हैं।

अचानक क्यों उछले दाम? समझें वैश्विक कारण

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ताजा तेजी के पीछे अमेरिकी वित्तीय तंत्र का अचानक लिया गया एक बड़ा फैसला है:

अमेरिकी ट्रेजरी का लिक्विडिटी सपोर्ट: अमेरिकी ट्रेजरी ने अचानक वित्तीय बाजार में लिक्विडिटी सपोर्ट देने का ऐलान किया। इस अप्रत्याशित कदम से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भारी गिरावट आ गई।

डॉलर इंडेक्स में 0.8% की कमजोरी: बॉन्ड यील्ड गिरने के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.8% तक लुढ़क गया। डॉलर के कमजोर होने से विदेशी मुद्राओं में खरीदारी करने वाले अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो गया, जिससे वैश्विक स्तर पर भारी खरीदारी शुरू हो गई।

फेड मिनट्स से पहले अनिश्चितता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स जारी होने से ठीक पहले वास्तविक ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद और आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को अचानक बढ़ा दिया।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि वास्तविक ब्याज दरों के नीचे आने और डॉलर पर बने दबाव के चलते सोने में आगे भी खरीदारी का मजबूत रुझान देखने को मिल सकता है।