BREAKING:
August 20 2026 06:14 pm

गोल्ड लोन मार्केट में आदित्य बिड़ला कैपिटल की धमाकेदार एंट्री: 3 साल में खुलेंगी 1,000 शाखाएं, शेयरों में आई जबरदस्त तेजी

Post

भारत के गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (NBFC) में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली दिग्गज वित्तीय कंपनी आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (Aditya Birla Capital Limited) ने देश के तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन कारोबार में उतरने का आधिकारिक ऐलान किया है। कंपनी ने अपने सिक्योर्ड लेंडिंग पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए अगले तीन वर्षों में देश भर में करीब 1,000 डेडिकेटेड गोल्ड लोन शाखाएं खोलने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है।

इस रणनीतिक विस्तार की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर करीब 2.82 प्रतिशत उछलकर ₹407.95 के स्तर पर पहुंच गया।

चरणबद्ध तरीके से होगा 1,000 शाखाओं का विस्तार

कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई फाइलिंग के अनुसार, गोल्ड लोन नेटवर्क को चरणबद्ध (Phased Manner) तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा:

मार्च 2027 तक का लक्ष्य: शुरुआती चरण में कंपनी मार्च 2027 तक लगभग 200 से 300 शाखाएं उन क्षेत्रों में शुरू करेगी जहां सोने के एवज में कर्ज की मांग सबसे अधिक है।

3 साल में 1,000 शाखाएं: अगले 36 महीनों के भीतर शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 1,000 फिजिकल ब्रांचों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

फिजिकल व डिजिटल इंटीग्रेशन: कंपनी अपने विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ आधुनिक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म को जोड़ेगी, जिससे ग्राहकों को मिनटों में पारदर्शी, फ्लेक्सिबल और सुरक्षित क्रेडिट उपलब्ध कराया जा सके।

गोल्ड लोन सेक्टर में क्यों मची है होड़?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा असुरक्षित व्यक्तिगत ऋणों (Unsecured Personal Loans) पर नियमों को सख्त करने के बाद वित्तीय कंपनियों का ध्यान तेजी से गोल्ड लोन जैसे सुरक्षित कोलैटरल-बेस्ड लोन की तरफ बढ़ा है:

रिटेल लेंडिंग में गोल्ड लोन का उछाल: आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में रिटेल क्रेडिट सोर्सिंग में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी लगभग 18% थी, जो वित्त वर्ष 2026 तक बढ़कर 41% तक पहुंच गई है।

दिग्गज समूहों की सीधी टक्कर: हाल के महीनों में टाटा कैपिटल (योगलोन्स का अधिग्रहण) और गोदरेज कैपिटल (कनकदुर्गा फाइनेंस का अधिग्रहण) जैसी बड़ी कंपनियों ने भी इस बाजार में प्रवेश किया है।

मुथूट और मणप्पुरम को चुनौती: पारंपरिक गोल्ड लोन दिग्गजों जैसे मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस के वर्चस्व वाले इस बाजार में आदित्य बिड़ला कैपिटल की एंट्री से प्रतिस्पर्धा और तेज होगी, जिसका सीधा लाभ बेहतर ब्याज दरों के रूप में ग्राहकों को मिलेगा।

आदित्य बिड़ला कैपिटल के अनुसार, यह कदम कंपनी के मौजूदा एमएसएमई (MSME) और रिटेल लेंडिंग इकोसिस्टम को भी मजबूती प्रदान करेगा, जिससे छोटे कारोबारियों को अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए सोने के बदले तत्काल पूंजी मिल सकेगी।