सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग होगा छह लेन, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगा छुटकारा
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-10 17:08:00
India News Live,Digital Desk : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन करने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य मकसद है वाहनों की गति बढ़ाना और ट्रैफिक जाम को कम करना। वर्तमान में इस राजमार्ग पर रोज़ाना 38 हजार से ज्यादा हल्के और भारी वाहन गुजर रहे हैं।
एनएचएआइ ने पहले ही पूरी जगह का सर्वे कर लिया है और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद काम तेज़ी से शुरू होगा। छह लेन बनने के बाद यह हाईवे कई दशक तक बिना किसी रुकावट के चल सकेगा।
सुखद बात यह है कि जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी। एनएचएआइ का कहना है कि वर्तमान में राजमार्ग के दोनों ओर मौजूद जमीन से सभी जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। इसका मतलब है कि बजट केवल सड़क निर्माण पर खर्च होगा, जबकि आमतौर पर जमीन के मुआवजे पर बड़ी राशि खर्च हो जाती है।
वर्तमान में लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग चार लेन का है और पिछले पंद्रह सालों में ट्रैफिक लगातार बढ़ता गया है। मामपुर-इंटौजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। सर्वे और टोल से मिले आंकड़ों के अनुसार, यहां रोजाना 38 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं।
अगर समय रहते सड़क चौड़ीकरण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में जाम और दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए एनएचएआइ ने पूरी योजना बनाकर इसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया है। प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और दो साल से भी कम समय में सड़क चौड़ीकरण पूरा किया जा सकेगा।
एनएचएआइ के अधिकारी बताते हैं कि जब जमीन अधिग्रहण नहीं करना है तो सड़क निर्माण में सिर्फ डेढ़ साल लगना बहुत सामान्य है। आमतौर पर जमीन लेने की प्रक्रिया लंबी होती है और समय खपता है, लेकिन इस प्रोजेक्ट में ऐसा नहीं है।
टोल अब एनएचएआइ के हाथ में
सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल वर्तमान में निजी कंपनियों द्वारा संचालित हो रहा है। इसकी अवधि अप्रैल 2026 में खत्म हो रही है। इसके बाद टोल का संचालन एनएचएआइ के जिम्मे होगा। प्राधिकरण नए सिरे से सर्वे कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
यहां आए दिन लंबी लाइन लगती है, इसलिए टोल के स्कैनर बदलवाए जाएंगे और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधारी जाएगी, ताकि वाहनों की आवाजाही और भी तेज और आसान हो सके।