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August 20 2026 04:40 pm

काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से डूबा शीतला माता मंदिर, अहिल्येश्वर महादेव में हो रही है मां की पूजा

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धार्मिक नगरी काशी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर तटीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा के उफान पर होने के कारण दशाश्वमेध घाट पर स्थित प्रसिद्ध मां शीतला का मंदिर पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। हालांकि, बाढ़ की इन चुनौतियों के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है और परंपराओं को जीवित रखते हुए वैकल्पिक स्थान पर मां की आराधना लगातार जारी है।

अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित की गई चल प्रतिमा

मंदिर के महंत अवशेष पांडेय उर्फ कल्लू महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष जब मां गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तब ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मां गंगा स्वयं आकर मां शीतला का जलाभिषेक करती हैं। इस दौरान मूल मंदिर का विग्रह पूरी तरह से गंगा के पानी में डूबा रहता है।

परंपराओं में कोई बाधा न आए और मां की आराधना का क्रम न टूटे, इसके लिए मां शीतला की चल प्रतिमा को सुरक्षित रूप से अहिल्याबाई घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित कर दिया गया है। जब तक जलस्तर पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता, तब तक मां शीतला का दैनिक राग-भोग, भव्य श्रृंगार और सभी पहर की आरती इसी मंदिर में संपन्न कराई जा रही है।

जलस्तर घटने के बाद मूल मंदिर में होगी वापसी

स्थानीय पुजारियों और प्रबंधन के अनुसार, बाढ़ का पानी उतरने और मंदिर के आसपास कीचड़ व मिट्टी साफ होने के बाद ही मां शीतला की प्रतिमा को पुनः उनके मूल गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। इस वर्ष भी बाढ़ के कारण दर्शन-पूजन में कुछ कठिनाइयां जरूर आ रही हैं, लेकिन दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु अपनी अटूट आस्था के साथ अहिलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर मां शीतला का आशीर्वाद ले रहे हैं।

इस बीच, वाराणसी जिला प्रशासन भी बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। गंगा के बढ़ते पानी के बावजूद काशी की यह प्राचीन और अनूठी धार्मिक परंपरा पूरी श्रद्धा के साथ अनवरत जारी है।