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August 20 2026 05:21 pm

स्मार्टसेफ ने लॉन्च किया फोन सुरक्षा सिस्टम, ड्राइविंग के दौरान टेक्स्ट मैसेजिंग पर लगेगी रोक

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ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुनिया भर में सड़क हादसों और मौतों का एक बहुत बड़ा कारण बनता जा रहा है। तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद लोग गाड़ी चलाते समय बार-बार फोन देखने की अपनी आदत से बाज नहीं आते। इस गंभीर समस्या का समाधान निकालने के लिए 'स्मार्टसेफ' (SmartSafe) ने एक अनूठा और आधुनिक वाहन सुरक्षा सिस्टम तैयार किया है, जो गति का पता चलते ही स्मार्टफोन को ऑटोमैटिक रूप से लॉक कर देता है।

स्मार्टसेफ तकनीक कैसे काम करती है?

इसे एक स्मार्ट 'स्टार्ट' सिस्टम के रूप में डिजाइन किया गया है, जो सीधे वाहन के इग्निशन से जुड़ा होता है। जब तक ड्राइवर अपने फोन को निर्धारित कंपार्टमेंट में सुरक्षित नहीं रख देता, तब तक कार या स्कूटर आगे नहीं बढ़ सकता।

इस प्रक्रिया के तहत, ड्राइवर को डैशबोर्ड पर दिए गए कंपार्टमेंट को खोलने के लिए दो बार टैप करना होता है। इसके बाद स्मार्टफोन को वायरलेस चार्जिंग पैड पर रखकर कंपार्टमेंट बंद करना पड़ता है। एक बार डिवाइस लॉक हो जाने पर ड्राइवर पूरी तरह से सड़क पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। इसके अलावा, यदि यात्रा के दौरान कोई मैसेज आता है, तो सिस्टम खुद-ब-खुद कॉलर को अनुमानित समय (ETA) का संदेश भेज देता है और कॉल करने का सुझाव देता है।

कारों और दोपहिया वाहनों के लिए खास फीचर्स

स्मार्टसेफ ने इसे कारों और स्कूटरों, दोनों के लिए अलग-अलग मॉडल्स में तैयार किया है:

कारों के लिए कैसेट प्लेयर और कंसोल: यह डिवाइस साउंडप्रूफ और टिंटेड कवर के साथ आता है, जिससे नोटिफिकेशन की आवाज और स्क्रीन की रोशनी पूरी तरह छिप जाती है। यह ऐप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो को सपोर्ट करता है, जिससे बिना फोन छुए नेविगेशन और कॉलिंग की जा सकती है। इसके अलावा, इसमें उपकरणों को सैनिटाइज करने के लिए यूवी लाइटिंग भी दी गई है।

दोपहिया वाहनों के लिए सिस्टम: स्कूटरों के लिए यह तकनीक थ्रॉटल को तभी काम करने देती है जब फोन अंदर लॉक हो। डिस्प्ले पर फ्यूल, स्पीड के साथ-साथ हेड-अप डिस्प्ले के जरिए विंडस्क्रीन पर दिशा-निर्देश भी दिखाई देते हैं। इसमें हेलमेट के लिए ब्लूटूथ हैंड्स-फ्री कॉलिंग की सुविधा भी मौजूद है।

सड़क सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम

स्मार्ट सेफ कंसोल एलएलसी (USA) के संस्थापक और सीईओ तारकान बस्तियाली ने कहा, "भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। हमारा उद्देश्य इस तकनीक के जरिए सार्थक बदलाव लाना और लोगों की जान बचाना है।" वहीं, भारत के निदेशक जयंत गुप्ता ने कहा कि गाड़ी चलाते समय ध्यान भटकना मानवीय व्यवहार की समस्या है, और यह डिवाइस ड्राइवर तथा फोन के बीच एक भौतिक अवरोध पैदा कर ड्राइविंग को सुरक्षित बनाता है।